टीके लगने का इंतजार खत्म

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 2:10 AM IST

कोविड-19 से बचने के लिए टीके का भारत का इंतजार आज खत्म हो गया। देश के दवा नियामक ने ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड और भारत बायोटेक के कोवैक्सीन टीके को आपात स्थित में इस्तेमाल करने की मंजूरी आज दे दी। अब कुछ ही हफ्तों में देश भर में टीके लगाने का काम शुरू हो जाएगा। शुरू में ये टीके कोविड-19 से निपटने में अहम भूमिका निभाने वाले लोगों और बुजुर्गों एवं बीमार लोगों को ही लगाए जाएंगे।
सीरम इंस्ट्रीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा तैयार कोविशील्ड परीक्षण के दौरान 70.42 प्रतिशत तक कारगर पाया गया है। लेकिन पूरी तरह देश में तैयार भारत बायोटेक टीका कितना असरदार है, यह अभी नहीं पता क्योंकि उसका परीक्षण चल ही रहा है। दोनों टीकों को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच रखे जा सकते हैं और दोनों कंपनियों ने पहले से ही इनकी खुराक तैयार कर भंडारण शुरू कर दिया था ताकि इजाजत मिलते ही इनकी आपूर्ति शुरू की जा सके। फि लहाल सीरम के पास कोविशील्ड की 5 करोड़ से ज्यादा खुराक हैं ओर वह हर महीने 10 करोड़ खुराक बना सकती है। भारत के औषध महानियंत्रक वीजी सोमानी ने दिन में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन ने पर्याप्त जांच-पड़ताल के बाद विशेषज्ञ समिति की सिफारिश स्वीकार करने का फैसला किया है।’ बेहद कम समय के सम्मेलन में महानियंत्रक ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया मगर यह जरूर कहा कि भारत में शुरू हुए तीसरे चरण के परीक्षण में बायोटेक का कोवैक्सीन टीका सुरक्षित पाया गया है। हालांकि कोवैक्सीन का इस्तेमाल तत्काल नहीं होगा और इसे कोविशील्ड के विकल्प के तौर पर रखा जाएगा।
दवा नियामक ने स्पष्ट किया कि कोवैक्सीन का इस्तेमाल आपात स्थिति में ही होगा क्योंकि इसका परीक्षण अभी चल ही रहा है। इसका मतलब है कि देश भर में 28,500 लोगों पर शुरू हुए इस टीके के परीक्षण के आंकड़े कंपनी के पास नहीं हैं। परीक्षण में करीब 22,500 लोगों को इस टीके की कम से कम एक खुराक दे दी गई है। दूसरी तरफ कोविशील्ड बनाने वाली सीरम ने सुरक्षा और प्रतिरोधी क्षमता विकसित करने के अंतरिम आंकड़ों के आधार पर दवा नियामक से इसके इस्तेमाल की अनुमति मांगी थी। कंपनी ने भारत में 1,600 लोगों पर दूसरे एवं तीसरे चरण के परीक्षण सहित दुनिया के अन्य देशों में 23,745 लोगों पर हुए परीक्षण के आंकड़े भी नियामक को सौंपे थे। कुल मिलाकर इस टीके को 70.42 प्रतिशत कारगर पाया गया।
कोविशील्ड को मंजूरी मिलने के बाद सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मुख्य कार्य अधिकारी अदार पूनावाला ने ट्विटर पर कहा, ‘सभी को नया साल मुबारक! सीरम ने कोविशील्ड तैयार कर इसका भंडारण करने का जो जोखिम लिया था, वह कामयाब रहा है। भारत का पहला कोविड-19 टीका कोविशील्ड मंजूर हो गया है, सुरक्षित है, असरदार है और आने वाले हफ्तों में इस्तेमाल के लिए तैयार है।’

First Published : January 3, 2021 | 11:09 PM IST