केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि देश भर में करीब चार लाख स्वास्थ्यकर्मियों कोरोनावायरस के टीके 7,700 सत्र में लगाए गए। टीकाकरण अभियान के शुरू होने के बाद तीन दिनों में 580 प्रतिकूल घटनाओं की सूचना के साथ ही उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में दो लोगों की मौत की खबर भी मिली।
उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद के 52 वर्षीय वार्ड ब्वॉय की मौत कोविशील्ड टीका लगवाने के एक दिन बाद ही हो गई। हालांकि तीन डॉक्टरों के एक पैनल ने पोस्टमार्टम के बाद अपनी जांच में उस व्यक्ति की मौत टीकाकरण की वजह से होने से इनकार कर दिया। टीका लिए जाने के बाद बेल्लारी में हुई 43 वर्षीय व्यक्ति के शव की जांच अभी बाकी है।
डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम में पाया कि मुरादाबाद के स्वास्थ्यकर्मी के ह्दय का आकार बढ़ा हुआ था और उसमें मवाद भी भरा था जिससे कार्डियोपल्मनरी बीमारी हुई और इसकी वजह से उसकी मौत हुई। दूसरे मामले में, मौत का कारण ह्दय के आगे हिस्से में रक्त की आपूर्ति रुकने से उत्तक क्षय की स्थिति बनी और फिर ह्दयगति रुक गई। हालांकि इसका सटीक अंदाजा पोस्टमार्टम का विश्लेषण करने के बाद ही लग पाएगा।
मुरादाबाद सरकारी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा, ‘उन्हें जब अस्पताल लाया गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उन्हें तब आना चाहिए था जब बेचैनी महसूस होने लगी थी।’ टीकाकरण के बाद होने वाली प्रतिकूल प्रतिक्रिया (एईएफ आई) अप्रत्याशित घटना होती है जो टीकाकरण के बाद होती है। इसका ताल्लुक टीका या टीकाकरण प्रक्रिया से हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता है।
स्वास्थ्यकर्मियों की तादाद टीकाकरण के लिए उम्मीद से कम ही रही है। सोमवार शाम पांच बजे के आंकड़ों से पता चला है कि कर्नाटक ने अधिकतम 36,888 लाभार्थियों को टीका लगाया था और उसके बाद ओडिशा ने 22,579 लोगों को टीका लगाया था। टीका लगाए जाने के बाद भर्ती सात लोगों में से दो को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई जबकि अन्य पांच को निगरानी में रखा गया। दिल्ली के मैक्स अस्पताल में बेहोशी की हालत में दिख रहे एक व्यक्ति पर नजर रखी जा रही थी। उत्तराखंड में एईएफ आई का मामला स्थिर और एम्स ऋ षिकेश में मरीज की निगरानी की जा रही है। बाकी छत्तीसगढ़ और कर्नाटक के विभिन्न अस्पतालों में इनकी निगरानी की जा रही थी।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि टीके की वजह से अभी तक कोई गंभीर प्रतिकूल असर का मामला नहीं आया है। ज्यादातर राज्यों ने सप्ताह में चार दिन कोविड टीकाकरण का फैसला लिया है, इसलिए गुजरात, चंडीगढ़, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में टीके नहीं लगे। ज्यादातर राज्य आगामी दिनों में टीकाकरण में तेजी आने की उम्मीद कर रहे हैं। देश में शुरुआत में तीन करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों और अंग्रिम पंक्ति के कोविड योद्धाओं का टीकाकरण किया जा रहा है। सरकार ने अगले चरण तक करीब 30 करोड़ लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा है, जिनमें पहले से किसी बीमारी वाले वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं।
सीरम इंस्टीट्यूट ने पहली खेप में 1.1 करोड़ खुराकों की आपूर्ति की है। सूत्रों के मुताबिक सरकार जल्द ही अन्य 4.5 करोड़ खुराक लेगी। आपूर्ति से जुड़ी दिक्कतें दूर हो गई हैं। अब स्वास्थ्य मंत्रालय को-विन सॉफ्टवेयर की दिक्कतों को दूर करने की कोशिश कर रहा है। को-विन सॉफ्टवेयर मेंं दिक्कतों से टीकाकरण केंद्रों पर अड़चन पैदा हो रही हैं। विभिन्न राज्यों ने कहा कि को-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म धीमा है, जिससे लाभार्थियों की सूची अपलोड होने में देरी हो रही है। विभिन्न राज्यों ने कहा कि वे टीकाकरण सत्रों को अपलोड नहीं कर पा रहे हैं और लाभार्थियों के ब्योरे ऑनलाइन नहीं दिख रहे हैं और वेब पेज में बफरिंग होती रहती है। इसके नतीजतन राज्य डेटा का प्रबंधन कर रहे हैं, मैनुअली लाभार्थियों से संपर्क कर रहे हैं और बाद में डेटा को ऑनलाइन अपलोड कर रहे हैं।