प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि टीकाकरण की गति में कमी नहीं आनी चाहिए और लॉकडाउन के बावजूद इस अभियान को सुगमता से जारी रखा जाना चाहिए। मोदी ने कोविड-19 से जुड़े जन स्वास्थ्य कदमों की समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन, पीयूष गोयल, मनसुख मंडावी सहित अन्य मंत्री और आला अधिकारी मौजूद थे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 45 से अधिक उम्र के करीब 31 फीसदी पात्र आबादी को कम से कम एक खुराक दी गई है। मोदी ने टीकाकरण की प्रगति और अगले कुछ महीनों में टीके का उत्पादन बढ़ाने के रोडमैप की समीक्षा करते हुए कहा, ‘टीकाकरण में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों को अन्य कामों में नहीं लगाया जाना चाहिए।’ उन्होंने टीकाकरण की गति बरकरार रखने के लिए राज्यों को जागरूक करने की जरूरत पर भी जोर दिया। सरकार ने कहा है कि राज्यों को 17.7 करोड़ टीके की आपूर्ति की गई है। 18-44 साल वर्ष के 9,00,000 से अधिक लाभार्थियों को 12 राज्यों में कोविड टीके की पहली खुराक दे दी गई है। सरकार ने राज्यों को सुझाव देते हुए कहा कि उन जिलों की पहचान की जाए जहां संक्रमण की दर 10 फीसदी या इससे अधिक है और ऑक्सीजन वाले बेड या आईसीयू बेड पर 60 फीसदी से अधिक मरीज मौजूद हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘राज्यों को स्वास्थ्य देखभाल बुनियादी ढांचे में तेजी लाने के लिए प्रमुख संकेतकों के लिहाज से मदद और मार्गदर्शन दी जानी चाहिए।’ अधिकारियों ने मोदी को उन विभिन्न राज्यों, जिलों का विस्तृत विवरण दिया जहां कोविड के मामले काफी ज्यादा हैं और अस्पतालों पर इसका बोझ अधिक है। भारत में गुरुवार सुबह एक दिन में संक्रमण के 4,12,262 नए मामले दर्ज किए गए और 3,980 लोगों की मौत हो गई। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, केरल, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और राजस्थान समेत 10 राज्यों में 72 फीसदी नए मामले सामने आए। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा रोजाना संक्रमण के 57,640 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद कर्नाटक में 50,112 मामले जबकि केरल में 41,953 नए मामले दर्ज किए गए।
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की खेप
भारत को अंतरराष्ट्रीय मदद के तौर पर 3,000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिले हैं। इनमें से एक-तिहाई चीन से और बाकी आयरलैंड, थाईलैंड, ब्रिटेन, रूस, ताइवान, उज्बेकिस्तान, मॉरीशस और रोमानिया से आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि सीमा शुल्क प्राधिकरण से मंजूरी के लिए लंबित कोई भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की खेप नहीं थी। मंत्रालय ने कहा, ‘भारतीय सीमा शुल्क विभाग तेजी से सभी खेप को मंजूरी दे रहा है और आयात से जुड़े किसी भी बंदरगाह में माल लंबित होने ऐसे आंकड़े मौजूद नहीं हैं।’ हाल ही में सीमा शुल्क अधिकारियों के पास मौजूद 3,000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की खेप के संबंध में मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में आया था। इसने कहा, ‘यह स्पष्ट किया गया था कि ऐसी कोई खेप सीमा शुल्क अधिकारियों के पास लंबित नहीं है।’ भारत को विभिन्न देशों से 27 अप्रैल, 2021 से अंतरराष्ट्रीय अनुदान और कोविड-19 राहत से जुड़ी मेडिकल आपूर्ति और उपकरणों की मदद मिल रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ‘अब तक मिले सभी सामान का आवंटन राज्यों और संस्थानों के लिए कर दिया गया है और बड़े हिस्से की डिलिवरी भी कर दी गई है। यह प्रक्रिया जारी है।’