आने वाले महीनों में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) ने दिसंबर तक बिजली की हाजिर कीमतों की सीमा बढ़ा दी है।
जून में सीईआरसी के मूल आदेश के अनुसार, बिजली एक्सचेंजों में कोट की जाने वाली अधिकतम उच्चतम कीमत प्रति 12 रुपये होगी। जून में आयोग ने बिजली एक्सचेंजों को निर्देशित किया था कि डे अहेड मार्केट (डीएम), जीडीएएम, आरटीएम, इंट्रा-डे, डे अहेड कंटीजेंसी और टर्म अहेड (ग्रीन टीएम के साथ) अनुबंध में कीमतों की सीमा 0 रुपये प्रति किलोवाट से 12 रुपये प्रति किलोवाट रखें।
यह कदम देश में कोयले की कमी के कारण राज्यों में बिजली संकट के कारण उठाया गया था। बिजली विक्रेताओं को स्थिति का फायदा उठाने और बिक्री मूल्य को बढ़ाने से रोकने ते लिए, आयोग ने हाजिर बाजार की उच्चतम कीमत को सीमित कर दिया। इससे पहले सितंबर तक इसे सीमित किया गया था।
आयोग ने कहा था कि तापमान में कमी होने के बावजूद त्योहारी मौसम के कारण अगले कुछ महीनों तक घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं की ओर से बिजली की अधिक मांग देखने को मिलेगी।
साथ ही कहा कि इसके अलावा, अगले कुछ महीनों तक खरीफ फसलों की कटाई और सर्दी के फसलों की बोआई के कारण कृषि का भार भी जारी रहेगा। घरेलू कोयले का भंडार पिछले साल के अक्टूबर से दिसंबर1 की अवधि की तुलना में अच्छी स्थिति में है, लेकिन यह आशंका है कि पानी और पवन ऊर्जा से उत्पादन कम होना शुरू हो जाएगा।