खपत से दोगुने रहेंगे दफ्तर

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 6:57 AM IST

अगले कुछ वर्षों में शीर्ष महानगरों में कार्यालय परिसंपत्तियों की भरमार होगी क्योंकि महामारी के कारण स्थानों की खपत में कमी आने के आसार हैं।
मुंबई, एनसीआर, बेंगलूरु, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई जैसे शीर्ष छह शहरों में वित्त वर्ष 2021 और वित्त वर्ष 2023 के बीच कार्यालय स्थलों की आपूर्ति इसकी खपत से दोगुनी रहने की उम्मीद जताई जा रही है। यह जानकारी इंडिया रेटिंग्स की ओर से जुटाए गए आंकड़ों से सामने आई है।
इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च के सहायक निदेशक अभिषेक शुक्ला ने कहा, ‘मांग से अधिक आपूर्ति की स्थिति इसलिए नजर आ रही है कि महामारी से पहले जिन कार्यालयों का निर्माण शुरू हो चुका था उनमें से अधिकांश को देर सवेर पूरा किया जाना है।’
शुक्ला ने कहा कि दूसरी तरफ शुद्घ रूप से बढ़ी हुई खपत मोटे तौर पर महामारी से पूर्व के औसत वार्षिक स्तर से 40 फीसदी कम रह सकता है। उन्होंने कहा, ‘ऐसा इसलिए है कि घर से काम करने की व्यवस्था से नए मांग में कमी आ सकती है और संभवत: कुछ पट्टेदार पुराने पट्टों को वापस लौटा सकते हैं क्योंकि वे आवश्यकतानुसार डेस्क देने (हॉट डेस्किंग) की नीति पर काम कर रहे हैं। इस नीति में प्रत्येक दिन कार्यालय नहीं आने वाले कर्मचारियों द्वारा एक ही डेस्क साझा किया जाता है। इससे किराये पर दबाव में कमी आ सकती है खासकर निर्माणाधीन संपत्तियों के लिए क्योंकि वे अतिरिक्त आपूर्ति वाले बाजार में पट्टेदार ढूंढने का प्रयास करते हैं।’  उन्होंने कहा कि नए कार्यालयों के लिए किराये में 30 फीसदी से अधिक की कमी आ सकती है क्योंकि आपूर्ति मांग से अधिक रहेगी।

First Published : March 16, 2021 | 11:43 PM IST