पांच महीनों की जांच- पड़ताल के बाद नेशनल हाईवेज अथॉर्टी ऑफ इंडिया (NHAI) ने रामबन टनल के कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ एक्शन लिया है। जम्मू-कश्मीर हाईवे पर निर्माणाधीन रामबन टनल मई में धंस गई थी, इस हादसे में 10 लोगों की जान गई थी।
इस सुरंग को बनाने के लिए सीगल इंडिया-पटेल इंजीनियरिंग (Ceigall India-Patel Engineering) को कॉन्ट्रैक्ट मिला था, जिस पर अब जांच के बाद दोषी पाए जाने पर 8.46 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है साथ ही छह महीने के लिए केंद्र सरकार की सभी परियोजनाओं में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कंपनी को ये भी निर्दश दिया गया है कि वो टनल धंसने के नुकसान को अपने पास से पूरा करे और उसे सही करे। कंपनी को 10 दिन के अंदर जुर्माने की ये राशि जमा करनी होगी।
इसके अलावा, राजमार्ग प्राधिकरण ने परियोजना में शामिल प्रमुख कर्मियों को तत्काल हटाने और एक साल के लिए उन पर रोक लगाने के भी आदेश दिए हैं।
बता दें, 19 मई 2022 को, खूनी नाला के पास मक्करकोट क्षेत्र में निर्माणाधीन टी-3 टनल का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। हादसे से टनल के भीतर काम कर रहे 12 श्रमिक फंस गए थे जिनमें से 10 की मौत हो गई।
इस मामले में पांच महीने तक चली जांच के बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा, कि जांच में ये पाया गया है कि कॉन्ट्रैक्टर की लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों के पूरी तरह क्रियांवयन न होने के कारण ही यह हादसा हुआ और लोगों की जान चली गई।
बता दें, जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर डिगडोल से पंथ्याल तक 4-लेन में 850 करोड़ रुपये की ट्विन ट्यूब सुरंग का काम सीगल-पटेल को दिया गया था और इसका निर्माण कार्य 1 फरवरी से शुरू हुआ था।