जुलाई में महीने दर महीने आधार पर घरेलू हवाई ट्रैफिक में 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इस बीच भरी हुई सीटों की संख्या में कमी आई और कोलकाता में विमान की आवाजाही पर प्रतिबंध जारी है।
एक ओर जहां जून के मुकाबले जुलाई में उड़ानों की संख्या में इजाफा हुआ, तो दूसरी तरफ उद्योग का व्यापक लोड फैक्टर जून के 54.8 फीसदी से घटकर जुलाई में 52.7 फीसदी रह गया।
जुलाई में विमान से 21 लाख लोगों ने यात्रा की जबकि जून में यह संख्या 19 लाख थी। सालाना आधार पर ट्रैफिक में 82 फीसदी की कमी आई, क्योंकि कुल विमान आवाजाही सामान्य स्तर के 30 फीसदी के करीब बना हुआ है। हवाईअड्डों के स्तर पर बात करें तो यात्रियों की संख्या में सबसे अधिक इजाफा दिल्ली हवाईअड्डे पर हुआ है। सभी भारतीय हवाईअड्डों के कुल यात्रियों में से 23 फीसदी यात्री दिल्ली हवाईअड्डा पर पहुंचे। यह कोविड से पहले के 18 फीसदी के मुकाबले अधिक है। हवाईअड्डा परिचालक ने कहा कि घरेलू हवाई सेवा शुरू होने के बाद से किसी भी हवाईअड्डे पर पहुंचने वाले यात्रियों के लिहाज से दिल्ली हवाईअड्डे की यह संख्या सर्वाधिक है। दो महीने तक हवाईयात्रा बंद रहने के बाद 25 मई को घरेलू उड़ान सेवा बहाल हुई थी। यात्रा की मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है ।