केंद्र सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट का कोविशील्ड तथा भारत बायोटेक का कोवैक्सीन, दोनों टीकों की पहली खेप लगभग एक समान दर पर खरीदी है। एक अनुमान के मुताबिक केंद्र ने भारत बायोटेक से 55 लाख टीकों के लिए लगभग 206 रुपये प्रति टीका (कर रहित कीमत) की प्रभावी दर पर खरीद की है।
हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के पास दो टीकों के बीच चयन करने का विकल्प नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘दुनिया के कई देश कई टीकों का उपयोग कर रहे हैं। किसी भी देश में ऐसा कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है।’
केंद्र ने 1.65 करोड़ टीकों की खरीद के पहले चरण के लिए लगभग 333 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिसमें से अधिकांश टीके खरीदे जा चुके हैं। इसमें से 1.1 करोड़ टीके पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट से 200 रुपये प्रति खुराक (कर रहित) की दर पर तथा हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक से 55 लाख टीके खरीदे गए हैं। सरकार कोविशील्ड के लिए 231 करोड़ रुपये का भुगतान कर रही है, जबकि वह कोवैक्सीन के लिए लगभग 162 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। कोवैक्सीन की 38.5 लाख खुराक के लिए कंपनी 295 रुपये टीका (कर रहित) का शुल्क ले रही है, जबकि 16.5 लाख टीके मुफ्त में उपलब्ध करा रही है। इससे कोवैक्सीन की प्रभावी लागत घटकर 206 रुपये प्रति खुराक रह जाती है।
सूत्रों ने संकेत दिया कि अर्थव्यवस्थाओं में विस्तार के साथ कोवैक्सीन की कीमतों में और कमी आ सकती है। कंपनी के पास अब लगभग एक करोड़ खुराक तैयार है और फरवरी तक अन्य एक करोड़ टीके तैयार हो जाएंगे। भारत बायोटेक ने संकेत दिया है कि साल 2021 में कोवैक्सीन की 70 करोड़ खुराक का वार्षिक उत्पादन होगा, जिसमें से लगभग 15 करोड़ खुराक जुलाई तक तैयार हो जाएंगी। एक सूत्र ने कहा, ‘एक निष्क्रिय-वायरस टीका होने के नाते उत्पादन कम है और बीएसएल-3 (सुरक्षा स्तर) प्रयोगशाला में इसका निर्माण होने से कोवैक्सीन की लागत बढ़ जाती है।’
मंगलवार शाम 4 बजे तक, सरकार ने देश भर के विभिन्न केंद्रों में 54,72,000 खुराक की डिलिवरी ले ली थी। टीकों की शेष खेप 14 जनवरी तक आने की उम्मीद है। पहले चरण के लिए भारत में 3 करोड़ लोगों, जिसमें पहली पंक्ति के वॉरियर्स एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल हैं, का टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए केंद्र को 6 करोड़ खुराक की जरूरत होगी। व्यक्ति को 28 दिनों के भीतर दो टीके दिए जाएंगे। स्वास्थ्य सचिव ने कहा, ‘हम अपने ऑर्डरों को व्यवस्थित एवं अलग-अलग तरीकों से रख रहे हैं। कंपनियों को भी इसकी जानकारी है।’
अगले ऑर्डर में कोविशील्ड की 4.5 करोड़ खुराक होने की संभावना है, जिसके लिए सरकार को 200 रुपये प्रति खुराक के हिसाब से 1176 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। सीरम इंस्टीट्यूट के मुख्य कार्याधिकारी अदार पूनावाला ने कहा है कि वे पहले 10 करोड़ खुराक के लिए 200 रुपये प्रति खुराक का शुल्क लेंगे, जो भारत सरकार को दी जाएंगी। केंद्र ने पहले ही 4.5 करोड़ खुराक खरीदने की प्रतिबद्धता जता दी है।
स्वास्थ्य सचिव ने दावा किया कि भारत के टीके अधिक लागत प्रभावी थे और विशेष रूप से वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल किए जा रहे अन्य उम्मीदवारों की तुलना में। उदाहरण के लिए फाइजर बायोनटेक 19.5 डॉलर (1,431 रुपये) और मॉडर्ना के लिए 32डॉलर से 37 डॉलर (2,348-2,715 रुपये) और सिनोपार्म 77 डॉलर (5,650 रुपये से अधिक) में टीका उपलब्ध करा रही है।
करनाल, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई में चार बड़े सरकारी मेडिकल स्टोर डिपो हैं और सभी राज्यों में कम से कम एक राज्य स्तरीय क्षेत्रीय टीका स्टोर है।