वित्तीय सेवा सचिव देवाशीष पांडा ने राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर बैंक कर्मियों, बीमा कंपनियों, बिजनेस करेस्पॉन्डेंट व अन्य वित्तीय सेवा प्रदाताओं के कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर का टीकाकरण करने को कहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि बैंक कर्मचारियों के साथ किसी भी तरह के दुर्वव्यवहार की संभावित स्थिति से उन्हें सुरक्षा प्रदान करने को कहा है।
पांडा ने आज लिखे पत्र में कहा है कि ऐसे कठिन दौर में बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराने में बैंक कर्मियोंं की अहम भूमिका है और तमाम कर्मचारी संक्रमण का शिकार हुए हैं और कुछ को जान भी गंवानी पड़ी है।
पिछले महीने वित्त मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से अनुरोध किया था कि बैंकिंग क्षेत्र के सभी 13.5 लाख कर्मचारियों को टीका लगना चाहिए, जिसमें उम्र का कोई व्यवधान न हो। उसके बाद भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम और डाक विभाग के कर्मचारियों ने भी ऐसा ही अनुरोध किया। पिछले महीने के आखिर में वित्तीय सेवा विभाग ने राज्य सरकारों से कहा था कि वे तीसरे चरण का टीकाकरण शुरू होने पर बैंक कर्मचारियों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करें।
बैंक कर्मियों के टीकाकरण को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए पांडा ने बैंक कर्मचारियों के साथ हो रहे दुव्र्यवहार को लेकर भी राज्य के कानून प्रवर्तन प्राधिकारियों कार्रवाई करने को कहा है, जिसकी वजह से बैंक कर्मी अपने काम को लेकर हतोत्साहित हो रहे हैं और इससे बैंकिंग सेवाओं में व्यवधान आ रहा है। उन्होंने पत्र में लिखा है, ‘बैंक कर्मचारी अपने स्वास्थ्य को जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं और ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है। अगर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती तो उनका व उनके परिवार का मनोबल गिरेगा, जिससे सेवाओं में व्यवधान आएगा।’