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भारत-कनाडा संबंधों में लाएंगे स्थिरता, CEPA पर फिर शुरू होंगी बातचीत, दोनों देश भेजेंगे नए उच्चायुक्त

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अल्बर्टा प्रांत के कनानास्किस में जी-7 देशों के मुख्य सम्मेलन में अलग से बुधवार को बैठक की।

Last Updated- June 18, 2025 | 11:40 PM IST
India-Canada
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी

भारत और कनाडा ने अपने द्विपक्षीय संबंध ‘सामान्य’ बनाने और उनमें स्थिरता बहाल करने का फैसला किया है। दोनों देश इसके लिए ‘समझबूझ’ के साथ ‘रचनात्मक’ कदम उठाएंगे। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए दोनों देश सबसे पहले लगभग दो वर्षों से रुके एक अंतरिम व्यापार सौदे के लिए बातचीत शुरू करेंगे। दोनों देशों ने अपने संबंधों में सुधार के लिए नए उच्चायुक्तों की नियुक्ति का भी निर्णय लिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अल्बर्टा प्रांत के कनानास्किस में जी-7 देशों के मुख्य सम्मेलन में अलग से बुधवार को बैठक की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बैठक में दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों में विश्वास बहाली और गति लाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में वरिष्ठ मंत्री-स्तरीय और कार्य-स्तरीय बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए। कनाडा सरकार की तरफ से कहा गया कि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क एवं कारोबार बढ़ाने के उद्देश्य से जल्द उच्चायुक्तों की नियुक्ति का निर्णय लिया गया है। कनाडा के नए प्रधानमंत्री कार्नी के साथ मोदी की यह पहली मुलाकात थी।

जून 2023 में खलिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के रिश्ते बिगड़ गए थे। कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार के एजेंटों का हाथ होने की आशंका जताई थी। पिछले साल अक्टूबर में भारत ने अपने उच्चायुक्त एवं पांच अन्य राजनयिकों को वापस बुला लिया था।

कनाडा ने आरोप लगाया था कि ये सभी लोग निज्जर की हत्या से जुड़े हुए थे। भारत ने भी कनाडा के उच्चायुक्त और 5 राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। दोनों नेताओं ने कानून व्यवस्था और ‘संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों’ का आदर करने के प्रति प्रतिबद्धता जताई।

मंत्रालय ने कहा, ‘भारत और कनाडा के नेताओं ने अर्ली प्रोग्रेस ट्रेड एग्रीमेंट (सीईपीए) पर रुकी बातचीत दोबारा शुरू करने के महत्त्व पर चर्चा की ताकि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) का रास्ता खुल सके। दोनों नेता अपने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में बातचीत आगे बढ़ाने के निर्देश देने पर सहमत हुए।’ मोदी और कार्नी ने एक अंतरिम व्यापक सौदे के लिए अपने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने का निर्णय किया।

भारत और कनाडा ने व्यापार एवं निवेश की नई संभावनाएं तैयार करने के लिए मार्च 2022 में एक व्यापक व्यापार सौदे पर बातचीत दोबारा शुरू की थी। मगर राजनीतिक तनाव बढ़ने से सितंबर 2023 में बातचीत रुक गई। यह बातचीत काफी आगे तक पहुंच गई थी और दोनों देशों को 2023 के अंत तक समझौता पूरा हो जाने की उम्मीद थी। हालांकि, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ने के बावजूद भारत से कनाडा को निर्यात में कमी नहीं आई।

भारत ने वित्त वर्ष 2025 में कनाडा को 4.2 अरब डॉलर मूल्य की वस्तुओं का निर्यात किया, जो सालाना आधार पर 9.8 प्रतिशत अधिक था। भारत से होने वाले कुल निर्यात में कनाडा की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से कम है। मगर वित्त वर्ष 2025 में कनाडा से आयात 2 प्रतिशत कम होकर 4.4 अरब डॉलर रह गया। भारत के कुल आयात में कनाडा की हिस्सेदारी महज 0.6 प्रतिशत है।

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First Published - June 18, 2025 | 11:09 PM IST

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