facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

US: कौन हैं रंजनी श्रीनिवासन, जिनका वीजा Trump प्रशासन ने रद्द किया? जानें पूरा मामला

Advertisement

होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें रंजनी श्रीनिवासन को ला गार्डिया एयरपोर्ट पर बैग के साथ भागते हुए देखा जा सकता है।

Last Updated- March 15, 2025 | 11:59 AM IST
Ranjani Srinivasan-trump
रंजनी श्रीनिवासन एक भारतीय शोधकर्ता हैं, जो न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (NYU) वैगनर से जुड़ी रही हैं।

भारतीय स्कॉलर रंजनी श्रीनिवासन का वीजा रद्द होने के बाद उन्होंने अमेरिका छोड़ दिया है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के मुताबिक, श्रीनिवासन ने खुद को निर्वासित कर लिया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रो-फिलिस्तीनी प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।

द वॉशिंगटन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें रंजनी श्रीनिवासन को ला गार्डिया एयरपोर्ट पर बैग के साथ भागते हुए देखा जा सकता है।

इस मामले को लेकर ट्रंप प्रशासन तेजी से कार्रवाई कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार उन विदेशी नागरिकों को अमेरिका से बाहर कर रही है, जिन्होंने पिछले साल कोलंबिया यूनिवर्सिटी में हुए प्रो-फिलिस्तीनी विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था।

इस बीच, अमेरिकी न्याय विभाग ने जांच शुरू कर दी है कि क्या कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने अवैध रूप से विदेशी नागरिकों को अपने कैंपस में छिपाकर रखा था।

गुरुवार शाम को अधिकारियों ने विश्वविद्यालय के हॉस्टल पर छापा मारा, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। शुक्रवार दोपहर तक यह साफ हो गया कि यह तलाशी वारंट दो लोगों से जुड़ा था, जिनका संबंध उन प्रदर्शनों से था जिन्हें हमास के समर्थन वाला माना गया था। हमास को आधिकारिक रूप से एक आतंकी संगठन घोषित किया गया है।

इन दो लोगों में से एक का नाम रंजनी श्रीनिवासन है, जबकि दूसरी एक फिलिस्तीनी महिला हैं। इस फिलिस्तीनी महिला को पिछले साल अप्रैल में अमेरिकी संघीय आव्रजन अधिकारियों ने हिरासत में लिया था। उस पर अमेरिका में वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी रुकने का आरोप है।

कौन हैं रंजनी श्रीनिवासन?

रंजनी श्रीनिवासन एक भारतीय शोधकर्ता हैं, जो न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (NYU) वैगनर से जुड़ी रही हैं। उनकी प्रोफाइल के अनुसार, वह फुलब्राइट स्कॉलर हैं और प्रतिष्ठित संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुकी हैं—

  • कोलंबिया यूनिवर्सिटी से अर्बन प्लानिंग में एम.फिल।
  • हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से डिजाइन में मास्टर डिग्री।
  • CEPT यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ डिजाइन (B.Des.)।

क्या है मामला?

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, रंजनी श्रीनिवासन का वीजा 5 मार्च 2025 को रद्द कर दिया गया। सरकार का आरोप है कि वह F-1 वीजा धारक थीं और हमास से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थीं।

बयान में कहा गया कि 11 मार्च को उन्होंने CBP होम ऐप के जरिए खुद को “स्व-निर्वासित” किया और अमेरिका छोड़ दिया।

NYU वैगनर की वेबसाइट के अनुसार, श्रीनिवासन का शोध भारत के उपनगरीय इलाकों में भूमि और श्रम संबंधों पर केंद्रित है। वह विकास की राजनीतिक अर्थव्यवस्था, भूमि की स्थानिक राजनीति और श्रमिक समाजशास्त्र जैसे विषयों में रुचि रखती हैं।

इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि श्रीनिवासन पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जबकि अमेरिकी प्रशासन इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बता रहा है।

Advertisement
First Published - March 15, 2025 | 11:59 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement