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ब्रिटेन के प्रॉपर्टी बाजार में भी मंदी

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Last Updated- December 05, 2022 | 9:41 PM IST

विश्वव्यापी मंदी की मार ने ब्रिटेन के प्रॉपर्टी बाजार को कुछ ज्यादा ही प्रभावित किया है।


हालत ऐसी है कि यहां का प्रॉपर्टी बाजार बीते 30 सालों के अपने न्यूनतम स्तर पर है। यानी कि 30 सालों के दौरान प्रॉपर्टी मेें फिलहाल की स्थिति सबसे बदतर है। रियल एस्टेट के जानकारों का कहना है कि गिरवी रखकर उधार लेने के बाजार में काफी गिरावट हुई है।


मुख्य रूप से इसी कारण बाजार में प्रॉपर्टी के खरीदारों की कमी नजर आ रही है। रॉयल इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड सर्वेयर्स के मुताबिक गत मार्च महीने में रिहायशी मकानों की कीमत में जबरदस्त गिरावट देखी गई। गत फरवरी महीने में जिस मकान की बिक्री से एजेंटों को 78.5 फीसदी का मुनाफा हुआ था वह मुनाफा गिरकर मार्च महीने में 65 फीसदी के आसपास हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक मकानों की कीमत में गिरावट के कारण यूके की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर की आशंका है।


अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुमान के मुताबिक यूके की विकास दर 1992 के बाद से अबतक अपने न्यूनतम स्तर पर होगी। अनुमान के मुताबिक विकास दर 1.6 फीसदी पर रहेगी। बाजार में मजबूती के लिए बैंक ऑफ इंग्लैंड ने दिसंबर महीने से लेकर अबतक तीन बार ब्याज दरों में कटौती कर चुका है। इससे पहले बैंकों ने उधार देने की ब्याज दरों में इजाफा कर दिया था।


और गिरवी रखकर उधार देने पर रोक लगा दी थी। आरआईसीएस के अर्थशास्त्री डेविड स्टब्स के मुताबिक जिस हालात से बाजार गुजर रहा है वह काफी खराब है। आने वाले समय में हालात और बदतर होने की आशंका है। बाजार को फिर से पुनर्जीवित करने के लिए ब्याज दरों में अभी और कटौती करनी होगी। मंगलवार को पौंड में यूरो के मुकाबले 80.35 सेंट्स की गिरावट देखी गयी।


यूके की करेंसी में डॉलर के मुकाबले 0.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। खुदरा व्यापारियों के बारे में कराए गए सर्वे के मुताबिक ब्रिटेन की खुदरा दुकानों की कमाई में भी कमी आयी है। बीते दो सालों के दौरान इस साल मार्च में मुख्य रूप से यह गिरावट देखने को मिली। गत मार्च महीने में उनकी कमाई में वर्ष 2007 की समान अवधि के दौरान 1.6 फीसदी की कमी देखी गई।


बीआरसी के महा निदेशक स्टीफन राबर्टसन के मुताबिक हालात काफी नाजुक है फिर भी ग्राहक अर्थव्यवस्था व अपने भविष्य के प्रति काफी गंभीर नजर आ रहे हैं। उपभोक्ता मूल्यों में लगातार मजबूती दर्ज की जा रही है और दुकानदारों की खर्च करने की क्षमता कम होती जा रही है। गत महीने महंगाई दर 2.6 फीसदी पर पहुंच गई जो गत 11 महीने के दौरान अधिकतम स्तर पर है।


हाउसिंग क्षेत्र में आयी मंदी के कारण प्रधानमंत्री गार्डन ब्राउन की हालत चिंताजनक हो सकती है। बेरोजगारी 1975 के बाद से अपने न्यूनतम स्तर पर है। जबकि निर्माण क्षेत्र में गत परवरी महीने के दौरान उम्मीद के विपरीत गत सात सालों में सबसे अधिक उछाल दर्ज किया गया। प्रधानमंत्री ब्राउन ने बाजार की स्थिति पर अपनी प्रत्क्रिया में कहा है कि विश्व का कोई भी देश वित्तीय बाजार में आई इस हलचल से अछूता नहीं रह सकता है।

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First Published - April 15, 2008 | 10:33 PM IST

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