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यूक्रेन पर हमले तेज करेगा रूस

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Last Updated- December 11, 2022 | 7:51 PM IST

काला सागर में तैनात अपने समुद्री बेड़े के एक प्रमुख युद्ध पोत ‘मोस्कवा’ के बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के बाद गुरुवार को डूब जाने से रूस को करारा झटका लगा है। वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय ने ‘यूक्रेन के सैनिकों के कथित रूप से रूसी क्षेत्र में आने के जवाब में शुक्रवार को राजधानी कीव पर मिसाइल हमले तेज करने की बात कही है। कीव पर हमले तेज करने की धमकी ऐसे वक्त आई है जब रूसी अधिकारियों ने यूक्रेन पर देश की सीमा से लगे ब्रांस्क में आवासीय भवनों पर हवाई हमले शुरू करने और सात लोगों को घायल करने का आरोप लगाया।
रूस के एक अन्य सीमावर्ती क्षेत्र के अधिकारियों ने भी गुरुवार को यूक्रेन की ओर से गोलाबारी की सूचना दी। रूस के राजधानी कीव पर कब्जा करने में विफल रहने और देश के पूर्व में हमले पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उत्तरी यूक्रेन से अपने सैनिकों को वापस बुलाने के बाद कीव में जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। लेकिन अब नए सिरे से बमबारी शहर के निवासियों को मेट्रो स्टेशनों में शरण लेने और हवाई हमले के सायरन के बीच लौटने को मजबूर करेगी। यूक्रेन के अधिकारियों ने रूस में लक्षित स्थानों पर हमले की पुष्टि नहीं की है और रूसी अधिकारियों की रिपोर्ट की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। हालांकि, यूक्रेन के अधिकारियों ने दावा किया है कि उनके सुरक्षाकर्मियों ने गुरुवार को एक महत्त्वपूर्ण रूसी युद्धपोत को मिसाइल हमला कर मार गिराया। अगर यह सच है तो यूक्रेन के लिए यह एक बड़ी जीत होगी। रूस की राजधानी के नाम से प्रेरित युद्धपोत मोस्कवा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बाद डूब गया। अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के अधिकारियों ने मोस्कवा में आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं की। युद्धपोत लंबी दूरी की 16 मिसाइलें ले जाने की क्षमता रखता था। जानकारों का कहना है कि युद्धपोत के डूबने से काला सागर में रूस की सैन्य क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। वहीं, राजधानी कीव सहित देश के उत्तरी हिस्से से पीछे हटने के बाद रूस पूर्वी यूक्रेन पर हमले की तैयारियों में जुटा है। ऐसे में युद्धपोत का डूबना रूस के लिए बड़ी सांकेतिक हार माना जा रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमिर जेलेंस्की ने गुरुवार रात देश के नाम दिए वीडियो संबोधन में रूसी युद्धपोत के डूबने की ओर इशारा किया। जेलेंस्की ने कहा, ‘जिन्हें लगता था कि समुद्र के तल में पहुंचने के बाद भी रूसी युद्धपोत बच सकता है।’ अपने संबोधन में उन्होंने युद्धपोत का बस इतना ही जिक्र किया। वहीं, रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि युद्धपोत एक बंदरगाह पर ले जाते समय आए तूफान में डूब गया।     

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First Published - April 15, 2022 | 11:26 PM IST

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