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ईरान के सरकारी टीवी ने की खामेनेई की मौत की पुष्टि , 40 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा

इससे पहले राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी उनकी मौत की घोषणा करते हुए कहा था कि इससे ईरानियों को अपना देश “वापस लेने का सबसे बड़ा मौका” मिला है।

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एजेंसियां   
Last Updated- March 01, 2026 | 7:55 AM IST

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इजराइल और अमेरिका के बड़े हमले के बाद मौत हो गई है। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के इसकी पुष्टि की। इससे पहले राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी उनकी मौत की घोषणा करते हुए कहा था कि इससे ईरानियों को अपना देश “वापस लेने का सबसे बड़ा मौका” मिला है। ईरान के सरकारी मीडिया ने यह भी कहा कि खामेनेई की मौत के बाद 40 दिनों का सार्वजनिक शोक मनाया जाएगा।

ईरानी सरकारी टीवी और सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने 86 वर्षीय खामेनेई की मौत का कारण नहीं बताया। इस हत्या से इस्लामिक गणराज्य के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं और क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक खामेनेई अब मर चुका है।” उन्होंने चेतावनी दी कि “भारी और सटीक बमबारी” पूरे सप्ताह और जरूरत पड़ने पर उससे आगे भी जारी रहेगी। अमेरिका ने इस हमले को ईरान की परमाणु क्षमता को खत्म करने के लिए जरूरी बताया है।

यह हमला ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप का एक नया और बड़ा अध्याय है। इससे बदले की कार्रवाई और बड़े युद्ध का खतरा पैदा हो गया है। अगर खामेनेई की मौत की पुष्टि पूरी तरह होती है, तो नेतृत्व का बड़ा खालीपन पैदा हो सकता है, क्योंकि उनका कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी नहीं है। 86 वर्षीय खामेनेई कई दशकों से सत्ता में थे और देश की सभी बड़ी नीतियों पर अंतिम फैसला उन्हीं का होता था। वे ईरान के धार्मिक तंत्र और रिवोल्यूशनरी गार्ड, दोनों के प्रमुख थे।

तेहरान में कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि कुछ लोग खुशियां मना रहे थे, सीटी बजा रहे थे और नारे लगा रहे थे।

ईरान ने हमलों के जवाब में बदले की चेतावनी दी है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने कहा कि इजराइल और अमेरिका अपने कदमों पर “पछताएंगे।” उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “ईरान के बहादुर सैनिक और महान जनता अंतरराष्ट्रीय अत्याचारियों को ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे वे कभी नहीं भूलेंगे।”

हमले से पहले कई महीनों से तनाव

अमेरिका और इजराइल का संयुक्त अभियान कई महीनों की योजना के बाद शनिवार को शुरू हुआ। यह हमला रमजान के पवित्र महीने और ईरान के कार्य सप्ताह की शुरुआत में किया गया। इससे पहले परमाणु वार्ता असफल रही थी।

हमले शुरू होने के लगभग 12 घंटे बाद अमेरिकी सेना ने कहा कि सैकड़ों ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बावजूद अमेरिकी ठिकानों पर कोई बड़ा नुकसान या हताहत नहीं हुआ। हमलों में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स और सैन्य हवाई अड्डों को निशाना बनाया गया। इजराइल ने दावा किया कि उसने रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर, रक्षा मंत्री और ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव को भी मार गिराया है।

ट्रंप ने कहा, “खामेनेई हमारी खुफिया और उन्नत ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं सके। इज़राइल के साथ मिलकर हमने उन्हें खत्म किया। यह ईरानी जनता के लिए अपना देश वापस लेने का सबसे बड़ा मौका है।”

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक ईरानी राजनयिक ने कहा कि हमलों में सैकड़ों नागरिक मारे गए और घायल हुए। ईरान ने जवाब में इजराइल और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे। रात भर दोनों पक्षों में हमले जारी रहे।

ईरान पर शुरुआती हमले खामेनेई के कार्यालय के पास हुए थे। इजराइली अधिकारियों ने उनकी मौत की पुष्टि की, जिसके बाद ट्रंप ने भी घोषणा की।

अमेरिका में डेमोक्रेट नेताओं ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने कांग्रेस की अनुमति के बिना कार्रवाई की। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि प्रशासन ने पहले से रिपब्लिकन और डेमोक्रेट नेताओं को जानकारी दे दी थी।

परमाणु वार्ता विफल रहने के बाद हमले

हाल के हफ्तों में तनाव बढ़ गया था। ट्रंप प्रशासन ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी युद्धपोतों और विमानों की बड़ी तैनाती की थी। ट्रंप ने कहा था कि वे परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए समझौता चाहते हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि खुफिया जानकारी के अनुसार ईरान ने उच्च गुणवत्ता वाले सेंट्रीफ्यूज बनाने की क्षमता विकसित कर ली थी, जो हथियार-ग्रेड यूरेनियम बनाने के लिए जरूरी है।

ईरान ने ताजा हमलों के जवाब में इजराइल पर कई मिसाइलें दागीं और बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इजराइल ने कहा कि उसने कई मिसाइलों को रोक लिया। तेल अवीव क्षेत्र में एक महिला की मिसाइल हमले में मौत हो गई।

तेहरान में खुफिया मंत्रालय के पास तीन धमाकों की आवाज सुनी गई। दक्षिणी ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर हमले में कम से कम 115 लोगों की मौत की खबर है और कई लोग घायल हुए हैं। ईरान की सरकारी एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई है। पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में उड़ानें प्रभावित हुईं। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में भी एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हुए। यूएई की राजधानी पर ईरानी मिसाइल के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई।

First Published : March 1, 2026 | 7:55 AM IST