facebookmetapixel
Advertisement
पेपर लीक के खिलाफ कानून में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, सोमवार को संसद में पेश होगा विधेयकभारी बारिश और बाढ़ का कहर: गुजरात में सेना ने संभाला मोर्चा, असम-महाराष्ट्र में भी हालात गंभीरचार साल के निचले स्तर पर पहुंची निजी कारोबारी गतिविधियां, महंगाई और पश्चिम एशिया तनाव से सुस्त पड़ी रफ्तारफ्रंट-रनिंग मामले में ऐक्सिस MF के पूर्व डीलर वीरेश जोशी पर 7 साल का प्रतिबंध, 3 करोड़ का जुर्माना भीरसायन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 3,030 करोड़ रुपये की ‘भव्य-रसायन’ योजना मंजूरCBDT को वित्त मंत्री की सख्त हिदायत, कहा: अभी भी 5.4 लाख अपीलें लंबित, मुकदमेबाजी रणनीति की करें समीक्षाUS Tariff on India: अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाया 10% टैरिफ, धारा 301 के तहत हुई कार्रवाईUpcoming IPO: देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर IPO ला रही मणिपाल हेल्थ, 29 जुलाई से खुलेगा इश्यूHindustan Zinc Q1 Results: दोगुने से ज्यादा बढ़ा मुनाफा, 5,469 करोड़ रुपये पर पहुंचा आंकड़ाबिना इंटरनेट चलने वाले Bitchat ऐप पर सरकार का शिकंजा, GitHub से कोड हटाने का दिया निर्देश

भारत-ब्रिटेन में एफटीए पर वार्ता एक नवंबर से संभव

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 1:03 AM IST

भारत और ब्रिटेन ने दोनों देशों के बीत 1 नवंबर, 2021 से व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने की योजना बनाई है। दोनों देश अगले साल मार्च तक एक अंतरिम व्यापार समझौते पर विचार कर रहे हैं। उसके बाद समग्र मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) होगा। अंतरिम समझौते में कुछ उच्च प्राथमिकता वाले उत्पाद व सेवाओं पर शुरुआती छूट दिया जाना और बाजार तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना शामिल होगा। 
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अंतरिम व्यापार समझौता मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा कि इससे दोनोंं देशों को साझेदारी से तत्काल फायदा उठाने में मदद मिलेगी। 

सोमवार को ब्रिटिश वाणिज्य मंत्री लिज ट्रूस के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में गोयल ने इन मसलों पर चर्चा की। साझा हितों की कुछ सेवाओं को अंतरिम समझौते में आवेदन पेशकश के माध्यम से शामिल किया जा सकता है, जिसमें भारत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को शामिल कर सकता है, जिससे तत्काल लाभ हो। गोयल ने कहा, ‘अगर जरूरी हुआ तो हम नर्सिंग और आर्किटेक्चर सेवाओं जैसी कुछ चुनिंदा सेवाओं को लेकर आपस में समझौता कर सकते हैं।’
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारत और ब्रिटेन के बीच प्रस्तावित एफटीए से कारोबार के असाधारण अïवसर की राह खुलने और नौकरियों के सृजन की उम्मीद है। दोनों पक्षों ने ऐसे तरीके से कारोबार बढ़ाने को लेकर प्रतिबद्धता तजाई है, जिसे सभी को लाभ हो सके। 

Advertisement
First Published - September 15, 2021 | 12:14 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement