Reuters
उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेता चीन की ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक बैठक में भाग लेने के लिए बीजिंग पहुंच रहे हैं। चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक और हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन के रविवार को पहुंचने के बाद सोमवार को अफ्रीका, एशिया और पश्चिम एशिया के करीब एक दर्जन नेता चीन पहुंचे। अन्य नेता मंगलवार को पहुंचेंगे।
यह पहल चिनफिंग की अहम नीति है। इसके तहत चीनी कंपनियों ने व्यापार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर में बंदरगाहों, सड़कों, रेलवे संबंधी सुविधाओं एवं बिजली प्लांटों का निर्माण किया है, लेकिन इन परियोजनाओं के लिए चीन द्वारा भारी मात्रा में दिए गए ऋण के कारण कुछ गरीब देश भारी कर्ज में डूब गए हैं। तीसरे ‘बेल्ट एंड रोड’ फोरम की बैठक से इतर राजनयिक हलचल की भी उम्मीद है।
फोरम का मुख्य कार्यक्रम बुधवार को होगा। हंगरी की सरकारी समाचार एजेंसी ‘एमटीआई’ (मग्यार तविराती इरोडा) ने बताया कि ओर्बन ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग से रविवार को मुलाकात की। फोरम की 2017 और 2019 में भी बैठक हुई थी।
केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुतो रुकी हुईं सड़क परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त ऋण की मांग करेंगे जबकि उनका देश पहले ही भारी कर्ज के नीचे दबा हुआ है। वह रेल परियोजना के लिए चीन से लिए गए कर्ज के भुगतान में राहत देने का भी अनुरोध करेंगे जो आर्थिक रूप से व्यवहारिक साबित नहीं हुआ है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अफगानिस्तान के तालिबान सरकार के प्रतिनिधि के भी सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है। पुतिन इस विचार को तूल नहीं देते दिखे कि मध्य एशिया में चीन की ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल क्षेत्र में प्रभुत्व बढ़ाने की कोशिश है जिसे रूस लंबे समय से अपना प्रभाव क्षेत्र मानता रहा है।
क्रेमलिन की वेबसाइट पर पोस्ट लिखित बयान के मुताबिक पुतिन ने चीन के सरकारी चैनल CCTV से कहा, ‘हमारा अपना यूरेशियाई आर्थिक संघ के विकास को लेकर विचार है, उदाहरण के लिए वृहद यूरेशिया का निर्माण, यह पूरी तरह से चीनी विचार से मेल खाता है जो बेल्ट एंड रोड पहल के मसौदे के भीतर प्रस्तावित किया गया है।’
सोमवार को चीन पहुंचने वाले नेताओं में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, कांगो गणराज्य के राष्ट्रपति डेनिस डेनिस ससौ न्गुएस्सो, पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मरापे और कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मैनेट शामिल हैं।