facebookmetapixel
Advertisement
US-ईरान टेंशन बिगाड़ेगा रसोई का बजट! इस महीने 5% तक उछले खाद्य तेलों के दाम; आगे आएगी नरमी?अदाणी प्रॉपर्टीज चौथे नंबर पर, हुरुन इंडिया की टॉप रियल एस्टेट कंपनियों की रैंकिंग में DLF टॉप परNBCC को ₹501 करोड़ की बड़ी सौगात, राजस्थान, BEL और PFC से मिले 4 प्रोजेक्ट; क्या बदलेगी शेयर की चाल?Groww, Angel One और दूसरे ब्रोकर्स पर नए नियमों का कितना असर? ब्रोकरेज ने बताई तस्वीरEPF New Rules 2026: 12%, 9% या ₹1,800 PF? जानिए आपकी सैलरी और रिटायरमेंट के लिए कौन-सा विकल्प रहेगा सबसे बेहतरIDBI बैंक के लिए फेयरफैक्स फाइनेंशियल की बोली स्वीकार करने के करीब है सरकारसिर्फ एक फंड से BFSI, IT और हेल्थकेयर में निवेश! Baroda BNP Paribas का नया NFO खुलाटिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट हैंग होने से हैं परेशान? IRCTC की नई वेबसाइट करेगी आपकी समस्या खत्महीरों की मांग अचानक क्यों टूट गई? चीन से शुरू हुआ असर अब दुनिया तक पहुंचाहोर्मुज खुल भी जाए, तब भी दुनिया को राहत नहीं! रिपोर्ट में क्यों जताई गई महंगाई को लेकर नई चिंता?

10 राज्य प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू नहीं कर रहे हैं: तोमर

Advertisement
Last Updated- February 10, 2023 | 4:55 PM IST

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को कहा कि 10 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों में अभी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) लागू नहीं है।

उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन 10 राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, झारखंड, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

तोमर ने कहा कि चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, दिल्ली, लद्दाख और लक्षद्वीप ऐसे केंद्र शासित प्रदेश हैं, जिन्होंने यह फसल बीमा योजना लागू नहीं कर रहे हैं। तोमर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की वार्षिक लेखा परीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा की जाती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना देश में खरीफ 2016 मौसम से शुरू की गई जो राज्यों और किसानों के लिए स्वैच्छिक है। उन्होंने कहा कि पीएमएफबीवाई विशेष रूप से प्राकृतिक आपदा प्रभावित मौसमों, क्षेत्रों में योजना के उद्देश्यों को पूरा करने में सफल रही है और यह योजना मांग-आधारित है।

तोमर ने कहा कि 2016-17 में योजना की शुरुआत से 2021-22 तक किसानों द्वारा भुगतान किए गए 25,174 करोड़ रुपये के प्रीमियम के विरुद्ध लगभग 12.38 करोड़ किसान आवेदनों को 1,30,185 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया जा चुका है।

Advertisement
First Published - February 10, 2023 | 4:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement