facebookmetapixel
Advertisement
कच्चे तेल की महंगाई से पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, बंगाल चुनाव बाद चौथी बार बढ़े तेल के दामMSMEs के लिए कारोबारी जरूरतों के मुताबिक बने कर्ज मॉडल: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणरिकॉर्ड बिक्री और मजबूत मांग से आयशर मोटर्स के नतीजे अनुमान से बेहतरलिस्टेड रीट्स ने चौथी तिमाही में 2,566 करोड़ रुपये से ज्यादा बांटेAI की चुनौती से दबाव में आईटी शेयर, गिरावट के बाद भी सुधार की राह लंबीपश्चिम एशिया संकट की चौतरफा मार: भारतीय कंपनियों की बढ़ी लागत, महंगे होंगे ऑटो, फार्मा और राशनकमोडिटी बाजार पर फिर बढ़ेगा सेबी का फोकस, अहम विभाग फिर से शुरू करने की योजनानेपाल बॉर्डर से बुंदेलखंड तक बनेगा मेगा कॉरिडोर, UP में कनेक्टिविटी सुधारने को CM योगी का बड़ा प्लाननीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा: NTA ने अतीत से नहीं सीखा सबक, केंद्र और CBI से मांगा जवाबभारत और कनाडा के बीच ऊर्जा के लिए अपार संभावनाएं, व्यापार वार्ता भी तेज 

10 राज्य प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू नहीं कर रहे हैं: तोमर

Advertisement
Last Updated- February 10, 2023 | 4:55 PM IST

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को कहा कि 10 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों में अभी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) लागू नहीं है।

उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन 10 राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, झारखंड, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

तोमर ने कहा कि चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, दिल्ली, लद्दाख और लक्षद्वीप ऐसे केंद्र शासित प्रदेश हैं, जिन्होंने यह फसल बीमा योजना लागू नहीं कर रहे हैं। तोमर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की वार्षिक लेखा परीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा की जाती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना देश में खरीफ 2016 मौसम से शुरू की गई जो राज्यों और किसानों के लिए स्वैच्छिक है। उन्होंने कहा कि पीएमएफबीवाई विशेष रूप से प्राकृतिक आपदा प्रभावित मौसमों, क्षेत्रों में योजना के उद्देश्यों को पूरा करने में सफल रही है और यह योजना मांग-आधारित है।

तोमर ने कहा कि 2016-17 में योजना की शुरुआत से 2021-22 तक किसानों द्वारा भुगतान किए गए 25,174 करोड़ रुपये के प्रीमियम के विरुद्ध लगभग 12.38 करोड़ किसान आवेदनों को 1,30,185 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया जा चुका है।

Advertisement
First Published - February 10, 2023 | 4:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement