फोटो: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के एक्स अकाउंट से
Project Cheetah: भारत के लिए यह खुशखबरी है कि भारत में चीता परिवार और बड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में तीन नन्हे चीता शावकों ने जन्म लेकर देश के ‘चीता वापसी अभियान’ में नई ऊर्जा भर दी है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस खुशखबरी को साझा करते हुए इसे भारत के लिए गर्व का पल बताया।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि ये शावक दक्षिण अफ्रीका की चीता गामिनी के हैं, जो दूसरी बार मां बनी है। इन शावकों का जन्म दक्षिण अफ्रीका से भारत में चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूरे होने पर हुआ है। उन्होंने कहा कि कुनो पार्क और भारत के लिए यह गर्व का क्षण है, ईश्वर करे गामिनी और उसके तीनों नन्हे शावक बड़े होकर देश में चीता पुनरुद्धार की कहानी को गरिमा के साथ आगे बढ़ाएं।
केंद्रीय मंत्री यादव ने कहा कि भारत में जन्मे जीवित चीता शावकों की संख्या अब बढ़कर 27 हो गई है। इन शावकों के जन्म के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या 38 हो गई है। मंत्री ने कहा कि प्रत्येक शावक का जन्म चीता परियोजना को मजबूती प्रदान करता है और इस कार्यक्रम से जुड़े फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सा टीमों के समर्पित प्रयासों को दर्शाता है।
विश्व में पहली बार किसी विशाल मांसाहारी जानवर का अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण सफल रहा है, जिसके तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 चीते वर्ष 2022-23 में भारत लाए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2022 को पहले आठ चीतों को भारत लाए जाने की प्रक्रिया में शामिल थे। चीता परियोजना भारत सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है, जिसे विलुप्त हो चुके चीतों को देश में फिर से बसाने के लिए शुरू किया गया था।