facebookmetapixel
Advertisement
Credit Card Tips: क्या सच में फ्री होती है No Cost EMI? शर्तें पढ़े बिना न करें खरीदारीअब विदेशों में छाएगी यूपी की व्हिस्की, योगी सरकार की नई एक्सपोर्ट नीति से खुलेंगे दरवाजेदिसंबर संकट के बाद इंडिगो की बड़ी उड़ान, 1000 से ज्यादा पायलटों की भर्ती का ऐलानरेरा पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ेगी जवाबदेहीनिफ्टी में आईटी सेक्टर की पकड़ कमजोर, 26 साल के निचले स्तर पर पहुंचा वेटेजQ3 में मजबूत प्रदर्शन के बाद इंफोसिस ने कर्मचारियों को औसतन 85% बोनस देने का ऐलान कियाFY26 में शहरी भारत देगा GDP का 70% योगदान, डन एंड ब्रैडस्ट्रीट की रिपोर्ट में बड़ा अनुमानBest FD Rates: एफडी में 8.95% तक ब्याज, फरवरी 2026 में कहां मिल रहा सबसे ज्यादा रिटर्न?मिडकैप निवेशकों के लिए बड़ी खबर, BSE लॉन्च करेगा नया इंडेक्स डेरिवेटिववैलेंटाइन डे से पहले ई-कॉमर्स बिक्री 60% तक बढ़ी, फूल-चॉकलेट की मांग में उछाल

नवाचार को बढ़ावा देने के लिए शिक्षक ट्रेनिंग पर हर साल हो 1 अरब डॉलर निवेश : मूर्ति

Advertisement

भारतीय शिक्षा में शिक्षकों की ट्रेनिंग में 20 अरब डॉलर का निवेश करने की आवश्यकता

Last Updated- November 15, 2023 | 10:52 PM IST
Narayana Murthy cautions the public not to fall prey to deep fake videos

भारत को विभिन्न प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए सालाना एक अरब डॉलर और 20 साल तक 20 अरब डॉलर का निवेश करके अनुसंधान और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना चाहिए। यह कहना है इन्फोसिस के संस्थापक और चेयरमैन एमेरिटस एनआर नारायण मूर्ति का।

मूर्ति ने बुधवार को बेंगलूरु में इन्फोसिस प्राइज 2023 कार्यक्रम में में कहा ‘भारत को हर उस क्षेत्र में चरण-4 (नवाचार के) की ओर बढ़ने की आकांक्षा रखनी चाहिए, जो देश के सुदूरवर्ती हिस्से में हमारे सबसे गरीब नागरिकों के जीवन को प्रभावित करता है।

अच्छे विचार उत्पन्न करने के लिए उच्च शिक्षा के हमारे संस्थानों में अनुसंधान और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और उन विचारों के तीव्र और उच्च गुणवत्ता वाले कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित करना इस आकांक्षा का समाधान है।’

उन्होंने कहा कि चरण-3 और चरण-4 में सफलता के लिए हमारी महत्वाकांक्षा के लिए स्वतंत्र, आलोचनात्मक और विश्लेषणात्मक सोच अपनाने के लिए, सुकरात की प्रश्नोत्तरी और अपने आसपास की असली दुनिया को समझने के लिए संबंधित सिद्धांत पर ध्यान केंद्रित करना, प्रकृति के रहस्यों को सुलझाने और अपनी असली दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए हमारे प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है।

मूर्ति ने कहा कि हालांकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) ने इस सफर को शुरू कर दिया है, लेकिन 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों में 2,500 ‘ट्रेन द टीचर’ कॉलेज बनाने के लिए विकसित दुनिया और भारत से एसटीईएम क्षेत्रों (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) में 10,000 अत्यधिक निपुण सेवानिवृत्त शिक्षकों को आमंत्रित करके परिणाम को तेज किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि यह ट्रेनिंग कार्यक्रम साल भर का होना चाहिए। विशेषज्ञों ने उन्हें सूचित किया है कि चार प्रशिक्षकों का प्रत्येक समूह एक वर्ष में प्राथमिक विद्यालय के 100 शिक्षकों और इतने ही माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षित कर सकता है।

मूर्ति ने कहा कि हम इस पद्धति से हर साल प्राथमिक विद्यालय के 2,50,000 शिक्षकों और माध्यमिक विद्यालय के 2,50,000 शिक्षकों को प्रशिक्षित कर सकेंगे।

Advertisement
First Published - November 15, 2023 | 10:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement