facebookmetapixel
Advertisement
गूगल से रिलायंस तक डेटा सेंटर में बड़े निवेश, भारत पर बढ़ा कंपनियों का भरोसाक्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद पहली निफ्टी एक्सपायरी, डेरिवेटिव टर्नओवर 4% घटाआंध्र प्रदेश बनेगा स्वच्छ ऊर्जा का केंद्र, सुजलॉन के विस्तार से बढ़ेगा निवेशEditorial: ईरान पर ट्रंप का ‘इकनॉमिक डी-डे’, चीन से टकराव का बढ़ सकता है खतराभारत में यूनिक्लो का कारोबार बढ़ा, वित्त वर्ष 2025 में राजस्व 44 फीसदी उछलाराजनीति में नेगेटिव ब्रांडिंग का खेल, मीम्स कैसे बनाते हैं नेताओं की छविइलेक्ट्रिक वाहनों पर महिंद्रा का बड़ा दांव, उत्पादन बढ़ाने और नए मॉडल लाने की तैयारीजलवायु कार्रवाई कमजोर पड़ रही है, भारत को अपनी ‘लक्ष्मण रेखा’ पर अडिग रहना होगाL&T की बड़ी डील, पश्चिम एशिया में 5,000 करोड़ से ज्यादा के BESS ऑर्डर मिलेएक दवा ने बिगाड़े दिग्गज फार्मा कंपनियों के नतीजे, 2022 में शुरू हुई कहानी 2026 में कैसे पलटी?

Monkeypox ने दी भारत में दस्तक; सामने आया पहला मामला, मरीज को अलग रखा गया

Advertisement

Monkeypox First case in India: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, "मरीज को मंकीपॉक्स के लिए तय किए गए एक अस्पताल में आइसोलेट किया गया है और वर्तमान में उसकी हालत स्थिर है।"

Last Updated- September 08, 2024 | 5:23 PM IST
Monkeypox hits India; First case revealed, patient kept isolated मंकीपॉक्स ने दी भारत में दस्तक; सामने आया पहला मामला, मरीज को अलग रखा गया
Representative Image

Monkeypox First case in India: दुनिया के कई देशों में पैर पसारने के बाद अब मंकीपॉक्स (Monkeypox) ने भारत में भी दस्तक दे दी है। रविवार को देश में इस वायरस से संक्रमण का पहला मामला सामने आया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे लेकर जानकारी शेयर की है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एक युवा पुरुष मरीज, जिसने हाल ही में एमपॉक्स (monkeypox) से जूझ रहे एक देश की यात्रा की थी, को देश में मंकीपॉक्स के एक संदिग्ध मामले के रूप में पहचाना गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, “मरीज को मंकीपॉक्स के लिए तय किए गए एक अस्पताल में आइसोलेट किया गया है और वर्तमान में उसकी हालत स्थिर है।” हालांकि मंत्रालय ने मरीज के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी।

Also read: पैसे रखें तैयार…IPO बाजार में आएगा तूफान, ₹8644 करोड़ जुटाने को 13 कंपनियां ला रहीं इश्यू

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस मामले का विकास NCDC द्वारा पहले किए गए जोखिम मूल्यांकन के अनुरूप है और किसी भी अनुचित चिंता का कोई कारण नहीं है।

देश ऐसे आइसोलेट यात्रा-संबंधी मामलों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है और किसी भी संभावित जोखिम को प्रबंधित करने और कम करने के लिए ठोस उपाय किए गए हैं।

Advertisement
First Published - September 8, 2024 | 5:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement