लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला | फाइल फोटो
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने रविवार को कहा कि लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा और उसके बाद मतदान 9 मार्च को होगा। रीजीजू ने कहा कि बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक निर्धारित है।
उन्होंने कहा सत्र ‘दिलचस्प’ होगा क्योंकि कई ‘अहम’ विधेयक को संसद में चर्चा और पारित होने के लिए पेश किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विपक्षी दल सत्र के पहले चरण की तरह विरोध को जारी रखते हैं तो अंततः यह उनके लिए ठीक नहीं होगा।
उन्होंने कहा, ‘9 मार्च को लोक सभा में अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। नियम के अनुसार इस पर पहले दिन ही चर्चा होती है। चर्चा के बाद मतदान होगा।’ संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को लोक सभा एवं राज्य सभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश किया। बजट सत्र का अगला चरण 9 मार्च को पुनः शुरू होगा जो 2 अप्रैल को समाप्त होगा।
अरुणाचल पश्चिम में अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर आए रीजीजू ने बताया कि सत्र के दूसरे चरण के दौरान सरकार चर्चा के लिए विशिष्ट मंत्रालयों की पहचान करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, ‘लोक सभा में हम पांच मंत्रालयों में अनुदान मांगों पर चर्चा करेंगे और राज्य सभा में हम पांच अन्य मंत्रालयों के कामकाज पर चर्चा करेंगे। राज्य सभा में अनुदान की मांगों पर नहीं बल्कि मंत्रालयों पर चर्चा होगी।’ मंत्री ने बताया कि सरकार राज्य सभा में चर्चा के लिए पांच मंत्रालयों का चयन करेगी और फिर लोक सभा के लिए पांच मंत्रालयों का चयन करेगी।
उन्होंने कहा कि बजट सत्र का दूसरा चरण रोचक होगा और कहा, ‘यदि विपक्ष सदन की कार्यवाही में खलल डालता है तो हम बिना किसी चर्चा के उसे पारित करा देंगे। यह उनके लिए करारा झटका होगा।’
जब उनसे पूछा गया कि सत्र का यह चरण विशेष रूप से रोचक क्यों होगा, तो उन्होंने कहा, ‘हम कुछ महत्त्वपूर्ण विधेयक लाएंगे, जिनमें एक बेहद अहम विधेयक भी शामिल है। हम अभी यह खुलासा नहीं करेंगे कि वह विधेयक क्या है, लेकिन दूसरे चरण में हम बहुत ही महत्त्वपूर्ण विषय पर चर्चा करेंगे। हम इन सभी विधेयकों को पारित करेंगे।’