प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से बातचीत करते हुए। फोटो: पीटीआई
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की चार दिवसीय भारत यात्रा आज संपन्न हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय साझेदारी का विस्तार करते हुए 8 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कार्नी के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को जल्द अंतिम रूप देने पर भी सहमति बनी। इस समझौते पर साल के अंत तक हस्ताक्षर किए जाएंगे। इससे साल 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब डॉलर तक बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा 2.6 अरब कनाडाई डॉलर के दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए।
दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के दौरान रक्षा, महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकी, छोटे एवं मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर (एसएमआर), शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया गया तथा हरियाणा के कुंडली में संयुक्त पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालयों और संस्थानों के बीच 24 समझौते भी हुए और भारत-कनाडा सीईओ फोरम का पुनर्गठन किया गया।
मंत्री-स्तरीय चार व्यापार और निवेश कार्यक्रम, जिनमें कनाडा की दो यात्राएं और भारत की दो यात्राएं शामिल हैं, उन्हें संस्थागत रूप दिया जाएगा। इसमें व्यापार प्रतिनिधिमंडल भी होंगे। वित्त मंत्रियों की आर्थिक एवं वित्तीय बातचीत इनमें से एक होगी और यह इस साल के अंत में होगी। अधिकारियों ने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के भी कनाडा का दौरा करने की योजना है।
मार्च में कनाडा के प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद कार्नी की यह पहली भारत यात्रा थी और 2018 के बाद किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की यह पहली द्विपक्षीय भारत यात्रा थी। अपनी बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कार्नी ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की।
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और कनाडा दो जीवंत लोकतंत्रों को तेजी से जटिल और अनिश्चित वैश्विक हालात में एक साथ आने की आवश्यकता है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों के सामान्य बनाने की दिशा में रचनात्मक कदम उठाने की सराहना की। 2023-24 में कनाडा में एक सिख अलगाववादी नेता की हत्या के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध थोड़े तनावपूर्ण हो गए थे।
संयुक्त बयान में एलएनजी, एलपीजी, कच्चे तेल, परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों, पोटाश और यूरेनियम आपूर्ति सहित द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार के विस्तार के अवसरों पर प्रकाश डाला गया।