प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक में मंगलवार को कई अहम फैसले लिए गए। मंत्रिमंडल ने रेल मंत्रालय की लगभग 9,072 करोड़ रुपये लागत वाली तीन परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। इन तीन परियोजनाओं में गोंदिया-जबलपुर खंड का दोहरीकरण और पुनारख-किऊल तथा गम्हरिया-चांडिल खंड के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाना शामिल है। इसके साथ ही गुजरात मेट्रो के मौजूदा उत्तर-दक्षिण मार्ग का गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक 3.33 किलोमीटर विस्तार को भी हरी झंडी दे दी।
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम पावरग्रिड की इक्विटी निवेश सीमा को प्रति सहायक कंपनी 5,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7,500 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे पावरग्रिड ज्यादा पूंजी की जरूरत वाली पारेषण परियोजनाओं के लिए बोली लगाने में सक्षम हो सकेगी। विपणन सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 275 रुपये बढ़ाकर 5,925 रुपये प्रति क्विंटल करने का भी निर्णय किया गया।
नए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) परिसर में मंत्रिमंडल की पहली बैठक में यह संकल्प लिया कि सेवा तीर्थ में लिया गया हर निर्णय 140 करोड़ देशवासियों के प्रति सेवा-भाव से प्रेरित होगा और राष्ट्र-निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा होगा। केरल सरकार के राज्य का नाम केरल से बदल कर केरलम करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।
सरकार ने कहा कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार और झारखंड के आठ जिलों को कवर करने वाली रेल मंत्रालय की तीन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 307 किलोमीटर की वृद्धि होगी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 5,407 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिनकी आबादी लगभग 98 लाख है।’ मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से परिचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ को कम करने में मदद मिलेगी।
सेवा तीर्थ में हई पहली बैठक में मंत्रिमंडल ने गुजरात मेट्रो के मौजूदा उत्तर-दक्षिण मार्ग का गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक 3.33 किलोमीटर विस्तार करने को मंजूरी दे दी। सरकार ने बयान में कहा कि चार साल में पूरी होने वाली इस परियोजना में तीन ‘एलिवेटेड स्टेशन’ बनाए जाएंगे।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘मंत्रिमंडल ने लोक उपक्रम विभाग के 4 फरवरी, 2010 के दिशानिर्देशों के तहत पावरग्रिड के लिए महारत्न कंपनियों को प्राप्त शक्तियों को बढ़ाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘इस मंजूरी के तहत पावरग्रिड की प्रति सहायक कंपनी इक्विटी निवेश सीमा को मौजूदा 5,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है जबकि कंपनी की निवल संपत्ति की 15 फीसदी की मौजूदा सीमा को बरकरार रखा गया है।’
इससे पावरग्रिड को अपने मुख्य व्यवसाय में निवेश बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का समर्थन करने में मदद मिलेगी। कंपनी अब अल्ट्रा हाई वोल्टेज अल्टरनेटिंग करंट (यूएचवीएसी) और हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) पारेषण नेटवर्क जैसी अधिक की पूंजी की जरूरत वाली पारेषण परियोजनाओं के लिए बोलियों में भाग ले सकेगी।
मंत्रिमंडल ने श्रीनगर हवाई अड्डे पर 1,677 करोड़ रुपये की लागत से ‘सिविल एन्क्लेव’ बनाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी हे।
मंत्रिमंडल ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 5,925 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जो वित्त वर्ष 2014-15 में 2,400 रुपये प्रति क्विंटल था। बढ़ोतरी इस आधार पर की गई है कि एमएसपी औसत उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुना हो। इस फैसले से खासकर पश्चिम बंगाल और असम में, जूट उगाने वालों को फ़ायदा होगा।
वैष्णव ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 नामक विधेयक को भारत के संविधान के अनुच्छेद 3 के प्रावधान के तहत विचार व्यक्त करने के लिए केरल राज्य विधान सभा को भेजेंगी। केरल विधान सभा के विचार प्राप्त होने के बाद केंद्र सरकार केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने हेतु केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को संसद में प्रस्तुत करने के लिए राष्ट्रपति की अनुशंसा प्राप्त करेगी।