बैंकिंग व्यवस्था में जमा आकर्षित करने की कवायद का असर अब दिखने लगा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से पता चलता है कि 16 दिसंबर को समाप्त पखवाड़े में जमा में वृद्धि की दर पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 9.4 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि पिछले पखवाड़े की तुलना में 9.9 […]
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विदेशी निवेशकों की आक्रामक बिकवाली के बीच देसी निवेशक साल 2022 में भारतीय इक्विटी बाजार के लिए उद्धारक बन गए। देसी संस्थागत निवेशकों (जिसमें म्युचुअल फंड, बीमा, बैंक व अन्य इकाइयां शामिल होती हैं) ने इस साल 22 दिसंबर तक भारतीय इक्विटी में रिकॉर्ड 2.47 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया। अकेले म्युचुअल फंडों ने […]
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बढ़ती ब्याज दरें और कम तरलता से हालांकि वित्तीय क्षेत्र के लिए नकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, लेकिन बढ़ती आर्थिक गतिविधि ऋणदाताओं के लिए अधिक कारोबारी वाली साबित हो सकती है। कैलेंडर वर्ष 2022 के दौरान बैंकिंग प्रणाली में तरलता आठ लाख करोड़ रुपये के अधिशेष से 33,000 करोड़ रुपये के घाटे में चली गई […]
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भारत की सबसे बड़ी खुदरा एनबीएफसी कंपनी और श्रीराम समूह के स्वामित्व वाली कंपनी श्रीराम फाइनैंस (एसएफएल) को एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) से 10 करोड़ डॉलर का उधार लंबी अवधि के लिए मिला है। 10 करोड़ डॉलर के बाह्य वाणिज्यिक उधारी 5 वर्षों के लिए दी गई है, और यह एसएपएल के सोशल फाइनैंस फ्रेमवर्क […]
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सार्वजनिक निर्गम से रकम जुटाने के मामले में साल 2023 में तेजी आएगी क्योंकि खुदरा निवेशक आकर्षक ब्याज दरों पर दांव लगा रहे हैं और नकदी के सख्त हालात के बीच कंपनियां अपने-अपने फंडिंग पोर्टफोलियो को विशाखित करने पर विचार कर रही हैं। बैंकरों व विश्लेषकों ने ये बातें कही है। भारतीय कंपनियों ने साल […]
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आधार आधारित ई-केवाईसी लेनदेन नवंबर में मासिक आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 28.75 करोड़ तक पहुंच गया। एक आधिकारिक बयान में गुरुवार को कहा गया कि ई-केवाईसी लेनदेन की कुल संख्या 1,350 करोड़ से अधिक हो गई है। बयान के अनुसार, नवंबर महीने में आधार सत्यापित लेनदेन में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई, और यह […]
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सितंबर 2022 में बैंकों के शुद्ध गैर-निष्पादित आस्तियों (NPA) और शुद्ध आवंटन अनुपात में कमी आई है। मुनाफा बढ़ने से बैंकों को एनपीए के लिए प्रावधान बढ़ाने में मदद मिली है। इस वजह से आलोच्य अवधि में यह अनुपात कम होकर 1.3 प्रतिशत रह गया, जो 10 वर्षों का सबसे निचला स्तर है। भारतीय रिजर्व […]
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बढ़ती ब्याज दरें और कम तरलता (liquidity) से वित्तीय क्षेत्र प्रभावित हो रहा हैं, लेकिन आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि कर्ज देने वालों के लिए कारोबार की अधिक मात्रा साबित हो सकती है। कैलेंडर वर्ष 2022 के दौरान बैंकिंग प्रणाली में तरलता आठ लाख करोड़ रुपये के सरप्लस से 33,000 करोड़ रुपये के घाटे में चली […]
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को कहा कि बैंकों का सकल NPA (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) यानी फंसा कर्ज सात वर्षों के निचले स्तर पांच फीसदी पर आ गया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक व्यवस्था मजबूत बनी हुई है और उनके पास पर्याप्त पूंजी है। RBI ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (FSR) के 26वें अंक […]
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अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत में पेंशन रेगुलेटर द्वारा न्यू पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत लॉन्च किए जाने वाले मिनिमम एश्योर्ड रिटर्न स्कीम (MARS) के लिए दरें (रेट ऑफ रिटर्न) हर साल तय होगी। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) के चेयरमैन सुप्रतिम बंद्योपाध्याय ने ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ से कहा कि इस नए प्रोडक्ट के […]
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