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मई में नए एसआईपी खाते औसत से कम

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Last Updated- December 11, 2022 | 6:18 PM IST

बाजार में उतारचढ़ाव में हुए इजाफे का असर इक्विटी निवेश पर शायद नहीं पड़ा होगा, लेकिन सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए आने वाले नए निवेशकों पर इसका असर दिखा है। मई में 19.7 लाख नए एसआईपी पंजीकृत हुए, जो पिछले पांच महीने के औसत 23 लाख के मुकाबले करीब 15 फीसदी कम है। यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इं​डिया के आंकड़ों से मिली। जून 2021 से नया एसआईपी पंजीकरण हर महीने 20 लाख से ज्यादा रहा है। मई में नए एसआईपी की संख्या पिछले 12 महीने में सबसे कम रही।
बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि संख्या में कमी की वजह निवेशकों में थकावट के अलावा बाजार में आई गिरावट का निवेशकों की अवधारणा पर पड़ा असर हो सकता है। बढ़ती महंगाई की चिंता, यूक्रेन में जारी युद्ध‍  के संभावित असर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व  के कदमों  के कारण पिछले कुछ महीनों में शेयरों में भारी उतारचढ़ाव देखने को मिला है। मध्यम आकार के फंड हाउस के मुख्य कार्याधिकारी ने  कहा, निवेशक पिछले प्रदर्शन पर नजर डालकर म्युचुअल फंडों में निवेश करते हैं। पिछले साल इक्विटी बाजारों ने एक अंक में  रिटर्न  दिया  और डांवाडोल रहा है। हम एसआईपी के जरिए एक बार फिर निवेशकों की तरफ से निवेश की उम्मीद कर रहे हैं जब बाजार को प्रभावित करने वाले मसलों पर स्पष्टता आ जाएगी।
पिछले साल  लार्जकैप फंडों ने औसतन 4.5 फीसदी रिटर्न दिया, वहीं मिडकैप व स्मॉलकैप फंडों ने क्रमश: 5.4 फीसदी व 8.14 फीसदी रिटर्न दिया है।
बाजार के प्रतिभा​गियों ने कहा कि कई निवेशकों  के लिए 12 महीने  का रिटर्न नकारात्मक हो सकता है  और  यह नए निवेशकों की तरफसे निवेश पर असर डालेगा।
अभी तक नए निवेश पर असर नगण्य रहा है। एसआईपी के जरिये निवेश  सितंबर 2021 के बाद से ही बढ़त की राह पर है। मई में उद्योग ने 12,286 करोड़ रुपये का निवेश हासिल किया, जो अप्रैल में 11,863 करोड़ रुपये रहा था।
2021-22 में एसआईपी के जरिए निवेश 1.24 लाख करोड़ रुपये  रहा, जो 2020-21 में 96,080 करोड़ रुपये रहा था।
एसआईपी अनुशासित निवेश का तरीका है, जिसकी पेशकश म्युचुअल फंड करते हैं, जहां एक तय अंतराल पर निवेशक  एकमुख्य निवेश के बजाय किसी म्युचुअल फंड योजना  के जरिए तय रकम का निवेश कर सकते हैं।
हालांकि एसआईपी  के जरिए निवेश में सुदृढ़ता बनी  हुई है जबकि नए खाते खुलने  की रफ्तार घटी है। इस मार्ग  के जरिए सतत  निवेश ने 2021-22 में एसआईपी के जरिए निवेश 1.24 लाख करोड़ रुपये  रहा। एमएफ उद्योग को बढ़त के लिए  ठोस आधार प्रदान किया है।
एसबीआई एमएफ के उप-प्रबंध निदेशक और मुख्य बिजनेस अफसर डी  पी  सिंह ने  कहा, बाजार में उतारचढ़ाव के बावजूद निवेशक बने हुए हैं। हमने हमेशा ही निवेशकों से कहा है कि बाजार में  गिरावट  के समय उन्हें बाहर नहीं निकलना चाहिए। मुझे लगता है कि अब वे इस बात को समझ चुके हैं। जो एसआईपी खाते बंद हो गए या जिनकी अवधि पूरी हो गई, उनकी  संख्या मई में 10.3 लाख रही।

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First Published - June 13, 2022 | 12:34 AM IST

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