मुथूट माइक्रोफाइनैंस को उम्मीद है कि रेटिंग बढ़कर एए माइनस होने के उसके फंड की लागत 10 प्रतिशत से नीचे आ जाएगी, जिससे गैर संयुक्त देनदारी समूह (जेएलजी) उधारी की ओर उसका झुकाव बढ़ेगा।
कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्याधिकारकी (सीईओ) सदाफ सईद ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि मुथूट ने अगले 2 साल में पोर्टफोलियो में इस सेगमेंट की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।
माइक्रोफाइनैंस ऋणदाता को उम्मीद है कि रेटिंग बढ़ने के बाद फंड की लागत वर्तमान 10.13 प्रतिशत से घटकर 9.75-9.8 प्रतिशत रह जाएगी। सईद ने कहा, ‘हम इस रेटिंग अपग्रेड के कारण अपने फंड की लागत में कम से कम 25 से 30 प्रतिशत की कमी का अनुमान लगा रहे हैं।’
ऋणदाता ने पहले ही जेएलजी और गैर-जेएलजी ऋणों ता अनुपात 75:25 करने का अपना पिछला लक्ष्य हासिल कर लिया है और निकट अवधि के लिए 70:30 करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी अगले 2 साल में गैर-जेएलजी ऋण की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा, ‘ इस समय हमारे ऋण में गैर जेएलजी 24 प्रतिशत और जेएलजी 76 प्रतिशत है। इस साल के लिए हमारा लक्ष्य 75-25 का अनुपात रखना था, जो हमने पहले ही हासिल कर लिया है। इसलिए हम इस लक्ष्य को संशोधित कर 70:30 कर रहे हैं। अगले 2 साल में हमारी योजना इसे लगभग 60:40 करने की है, जिसमें 60 प्रतिशत जेएलजी और 40 प्रतिशत गैर-जेएलजी ऋण होगा।’
गैर जेएलजी ऋण बढ़ाने के लिए मुथूट माइक्रोफाइनैंस संपत्ति पर ऋण (एलएपी) और गोल्ड लोन कारोबार को बढ़ा रही है। इसका संपत्ति पर ऋण का पोर्टफोलियो लगभग 72 करोड़ रुपये जबकि ऋण पोर्टफोलियो का मूल्य लगभग 350 करोड़ रुपये है।
ऋणदाता हर महीने लगभग 100 करोड़ रुपये गोल्ड लोन दे रहा है और साल भर में 1,200 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन देने की योजना बनाई है। इससे पोर्टफोलियो 500 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।