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भारत केंद्रित फंड जुटा सकते हैं बड़ी पूंजी

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Last Updated- December 11, 2022 | 6:01 PM IST

तेज गति से आगे बढ़ने वाला यूनिकॉर्न मार्केटप्लेस बना भारत वेंचर कैपिटल फंडों को और पूंजी जुटाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
ऑल्टरनेटिव ऐसेट्स डेटा ऐंड इंटेलिजेंट प्लेटफॉर्म प्रीक्विन के मुताबिक, कैलेंडर वर्ष 2022 में भारत केंद्रित फंड करीब 9.8 अरब डॉलर जुटाने जा रहे हैं। हालांकि फंडों के बंद होने में समय लग रहा है।
साल के लिए हालांकि 9.8 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य है, लेकिन भारत केंद्रित 18 फंड पहले ही 1.74 अरब डॉलर जुटा चुके हैं। ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि एशिया केंद्रित फंड 173.4 अरब डॉलर के हैं। यह बताता है कि जहां तक एशिया या भारत का सवाल है, निवेश के लिए फंड कोई मसला नहीं है।
प्रीक्विन के आंकड़े बताते हैं कि फंडों का औसत आकार कोविड पूर्व के स्तर से 18 फीसदी ज्यादा है जबकि साल 2020 के मुकाबले 52 फीसदी अधिक है। जब फंड जुटाने की बात आती है तो साल 2021 इस लिहाज से सामान्य नहीं था।  बेन ऐंड कंपनी के पार्टनर एस कृष्णन ने कहा, भारत में रकम जुटाने की गतिविधियों में फंड लगातार हिस्सा ले रहे हैं, जिसकी वजह भारत का आकर्षक बाजार है और वास्तविकता यह भी है कि ज्यादातर वेंचर कैपिटल अपना पहले का फंड पूरी तरह से लगा चुके हैं। उन्हें भविष्य के लिए रकम जुटाने की दरकार है।
कृष्णन ने यह भी स्पष्ट किया, इसका मतलब यह नहीं है कि साल 2021 की तरह फंडिंग की असामान्य गतिविधियां जारी रहेंगी। उन्होंने कहा, फेड की तरफ से ब्याज बढ़ोतरी का उभरते बाजारों में फंडों के आवंटन पर कुछ असर रहेगा। हालांकि ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि मंदी का माहौल निवेशक टीम को (खास तौर से वैश्विक फंडों को) सतर्क बना देगा।
लगता है कि फंडों के बंद होने में जो समय लग रहा है उसके पीछे की विभिन्न वजहों में एक यह भी है।
भारत में दिलचस्पी की एक अन्य वजह चीन के सख्त नियम हैं। एक वीसी फंड के अधिकारी ने कहा, साल 2021 में भारतीय स्टार्टअप में भारी निवेश देखने को मिला। कुल फंडिंग 40 अरब डॉलर से ऊपर रही।

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First Published - June 27, 2022 | 12:48 AM IST

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