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RBI MPC: छोटा लोन चाहिए? फोन का UPI है ना !

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आपको थोड़े से पैसे की जरूरत है, और जल्दी चाहिए, तो आपके फोन का UPI कैसे मददगार होगा, ये RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC)बैठक के इस फैसले से जानें।

Last Updated- December 06, 2024 | 4:04 PM IST
Small Finance Banks (SFBs) will be allowed to provide pre-approved credit lines through Unified Payment Interface (UPI). छोटे वित्त बैंकों (एसएफबी) को एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस (यूपीआई) के माध्यम से पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइन प्रदान करने की अनुमति दी जाएगी।

आप बाजार जाते है, कुछ सामान खरीदते हैं, और अपने मोबाइल से PayTM,G-pay,PhonePay,BHIM जैसी किसी UPI सेवा के जरिए पेमेंट करते है, तो अब आपको छोटे लोन के लिए बाजार में ऊंची ब्याज़ दर पर कर्ज़ देने वाले किसी महाजन के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। शुक्रवार, 6 दिसंबर को रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee, MPC) बैठक के बाद स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs)को यूपीआई के जरिए पूर्व- स्वीकृत क्रेडिट लाइन व्यवस्था में लोन दे सकेंगे। आरबीआई ने स्मॉल फाइनेंस बैंकों को UPI के जरिए पूर्व-स्वीकृत लोन देने की अनुमति दे दी है। इसके बाद यूपीआई से पेमेंट करने वाले, किसी भी पेमेंट के पहले क्रेडिट लाइन का चुनाव कर सकते है। आरबीआई के इस फैसले के बाद यूपीआई ग्राहक इस नई सुविधा का जल्दी ही लाभ उठा सकेंगे।

शुक्रवार, 6 दिसंबर को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने घोषणा की कि अब छोटे वित्त बैंकों (एसएफबी) को एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस (यूपीआई) के माध्यम से पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइन प्रदान करने की अनुमति दी जाएगी।

इस कदम का उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में छोटे व्यवसायों, सूक्ष्म उद्यमियों और व्यक्तियों सहित क्रेडिट सुविधा से वंचित समूहों की मदद करना है।

यह सितंबर 2023 के बाद हुआ है, जब आरबीआई ने अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (Scheduled Commercial Banks)को पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइनों को यूपीआई खातों से जोड़ने की अनुमति दी थी।

पहले, यह सुविधा एसएफबी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और भुगतान बैंकों के लिए उपलब्ध नहीं थी।

एसएफबी, जो क्रेडिट सुविधा के इच्छुक लोगों की कतार के आखिरी सिरे में खड़े व्यक्ति के लिए अपने लागत-कुशल, प्रौद्योगिकी-संचालित बैंकिंग समाधानों के लिए जाने जाते हैं, अब उन ग्राहकों को क्रेडिट उत्पाद प्रदान करने में सक्षम होंगे जो ‘क्रेडिट के लिए नए’ हैं। ये उत्पाद, जिनमें आम तौर पर छोटी ऋण राशि और छोटी अवधि शामिल होती है, औपचारिक ऋण तक सीमित पहुंच वाले लोगों और व्यवसायों को बहुत जरूरी सहायता प्रदान करेंगे।

UPI क्रेडिट लाइन की सबसे खास बात यह है कि इसके जरिये ग्राहक अपने लेन-देन के समय पहले से मंजूर क्रेडिट का इस्तेमाल कर सकते हैं. मिसाल के तौर पर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करते समय ग्राहक अपने खाते से भुगतान करने की जगह UPI ऐप में उपलब्ध क्रेडिट लाइन को चुन सकते हैं और बिना किसी मुश्किल के पेमेंट कर सकते हैं. इससे पहली बार क्रेडिट का इस्तेमाल करने वाले आम लोग या छोटे कारोबारी भी फॉर्मल बैंकिंग के दायरे में शामिल होकर आसानी से डिजिटल क्रेडिट की सुविधा का लाभ ले पाएंगे.

क्यों महत्वपूर्ण है RBI का ये फैसला

रिज़र्व बैंक के इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा गांवों, कस्बों, छोटे शहरों और महानगरों में रहनेवाले उन लोगों को होगा, जो अभी तक बैंकिंग लोन व्यवस्था का लाभ नही उठा पा रहे थे। देश के ऐसे करोड़ों लोग, जिन्हें अपने छोटे कारोबार के लिए हर कभी, कुछ दिनों या हफ्तों के लिए, छोटी धनराशि की जरूरत पड़ती रहती है, और वे इसके लिए बैंकों के चक्कर नहीं लगा सकते। ऐसे लोग आरबीआई के इस फैसले के बाद, अब स्मॉल फाइनेंस बैंकों से यूपीआई के जरिए लोन ले सकेंगे। ये लोन, उन लोगों को उनके द्वारा यूपीए के जरिए किए वित्तीय लेन-देन के चलते मिली क्रेडिट पर मिलेगें।

इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि जरूरत पड़ने पर लोन तुरंत मिल जाएगा। आप अपने कारोबार के लिए सामान खरीदते वक्त उसके भुगतान के लिए ये सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। ये सुविधा उन लोगों को भी ‘लोन सुविधा’ उपलब्ध करा पाएगी, जो अभी तक इसके दायरे से बाहर थे। इस तरह आरबीआई के इस फैसले से भारतीय बाजार में ‘क्रेडिट दायरा’ बढ़ेगा, जिसका सीधा फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था को होगा।

नाबार्ड (NABARD)की एक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 60% ग्रामीण परिवार अभी भी ‘ऋण के अनौपचारिक स्रोतों’ (Informal Sources of Credit) पर निर्भर हैं।

असंगठित ऋण (Unorganized Lending) की ब्याज दरें बहुत उच्च होती है। रिपोर्ट के मुताबिक अनौपचारिक ऋणदाताओं द्वारा ली जाने वाली ब्याज दरें आम तौर पर 24% से 60% सालाना के बीच होती हैं, जो ज़रूरत और उधारकर्ता की प्रोफ़ाइल पर निर्भर करती है। ऐसे अनौपचारिक कर्ज विश्वास और संबंधों के आधार पर दिए जाते हैं, इसके लिए जरूरतमंद व्यक्ति को लंबी Official process से नहीं गुजरना पड़ता है, और ना ही उसे बहुत ज्यादा पेपरवर्क करने की जरूरत होती है। साथ ही औपचारिक ऋण देने वाली संस्थाओं के विपरीत, अनौपचारिक ऋणदाता अक्सर कर्ज चुकाने की शर्तों को लेकर लचीले होते हैं, जो उधारकर्ताओं के लिए वरदान और अभिशाप दोनों हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा जैसे राज्यों में सीमित बैंकिंग पहुँच और जमीनी स्तर तक क्रेडिट सुविधा की अनुपलब्धता के चलते असंगठित ऋण बाजार (Informal Credit Market) का प्रभाव बहुत ज्यादा है।

कैसे लाभ ले इस सुविधा का

इस सुविधा का फायदा लेने के लिए आपको ज्यादा तकनीकी ज्ञान या मेहनत करने की जरूरत नहीं होगी। बस कुछ चरण में आप इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। आपको अपने UPI में ‘क्रेडिट लाइन’ ऑप्शन चुनना होगा। फिर आपको अपने पसंदीदा बैंक को चुनना होगा। इसके बाद आप जान सकेंगे कि आपको कितना लोन मिल सकता है। फिर आप अपने क्रेडिट लाइन अकाउंट को लिंक करके PIN जनरेट करें और इस सुविधा का लाभ उठाएं। लोन के रि-पेमेंट का तरीका आपके बैंक के द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगा। यदि आप समय पर लोन का रि-पेमेंट कर देंगे, तो आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर होगा और आपके लिए भविष्य में फिर से लोन लेना आसान होगा।

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First Published - December 6, 2024 | 4:04 PM IST

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