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Tata Sons की लिस्टिंग पर अनिश्चितता के बीच RBI लाएगा नया NBFC फ्रेमवर्क

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टाटा संस से जुड़े एक सवाल पर मल्होत्रा ने कहा कि नया फ्रेमवर्क गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को श्रेणीबद्ध करेगा

Last Updated- April 08, 2026 | 6:03 PM IST
RBI MPC

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) ने बुधवार को कहा कि टाटा संस (Tata Sons) की लिस्टिंग के मुद्दे पर बनी अस्पष्टता के बीच मौद्रिक प्राधिकरण गैर-बैंकिंग ऋणदाताओं (NBFCs) के लिए एक नया फ्रेमवर्क लेकर आएगा। मल्होत्रा ने नीतिगत समीक्षा के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा, ”हम NBFCs के लिए एक नया फ्रेमवर्क ला रहे हैं। बहुत जल्द, हम इसे लाएंगे।”

नया फ्रेमवर्क NBFCs को करेगा कैटेगराइज

टाटा संस से जुड़े एक सवाल पर मल्होत्रा ने कहा कि नया फ्रेमवर्क गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को श्रेणीबद्ध करेगा। हालांकि, उन्होंने इस मामले पर अधिक विस्तार से जानकारी नहीं दी। इस मुद्दे पर बाजार की गहरी नजर है, क्योंकि आरबीआई को यह तय करना है कि नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक बनाने वाले इस समूह की होल्डिंग कंपनी ‘टाटा संस’ निजी बनी रहेगी या उसे शेयर बाजार में लिस्ट होने के लिए मजबूर किया जाएगा।

Also Read: RBI MPC Meet: बॉन्ड मार्केट में हलचल, कहां बन रहा निवेश का मौका?

लिस्टिंग नियमों पर RBI की सख्ती

आरबीआई के मौजूदा नियमों के अनुसार ‘मुख्य रूप से एक निवेश कंपनी’ होने के नाते टाटा संस को पिछले साल 30 सितंबर तक लिस्ट हो जाना चाहिए था। टाटा संस को छोड़कर अन्य सभी संस्थाओं ने इस प्रावधान का पालन किया है। इससे पहले मल्होत्रा ने कहा था कि कोई भी इकाई तब तक अपना कारोबार जारी रख सकती है, जब तक उसका लाइसेंस रद्द न हो जाए।

लिस्टिंग से Tata Sons पर बढ़ेगा अनुपालन बोझ

अनिवार्य लिस्टिंग की समय सीमा बीत जाने के बावजूद उन्होंने इस पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। शेयर बाजार में लिस्ट होने से टाटा संस पर खुलासे से संबंधित कई अनुपालन बोझ बढ़ जाएंगे। एक्सपर्ट्स का तर्क है कि इस विविध कॉरपोरेट समूह के लिए इन शर्तों का पालन करना कठिन हो सकता है, क्योंकि इसका कारोबार विभिन्न स्तरों और क्षेत्रों में फैले हुआ है।

(PTI इनपुट के साथ)

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First Published - April 8, 2026 | 6:03 PM IST

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