फिनटेक कंपनी मोबिक्विक व्यापार भुगतान स्वीकृत करने वाले उपकरणों से कमाई करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी इस साल साउंडबॉक्स और इलेक्ट्रॉनिक डेटा कैप्चर (ईडीसी) मशीनों की तैनाती को दोगुना करने की योजना बना रही है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मोबिक्विक की सह-संस्थापक और मुख्य वित्तीय अधिकारी उपासना टाकू ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि गुरुग्राम की यह कंपनी साल 2026 में इस श्रेणी का विस्तार करने की योजना बना रही है और इसका लक्ष्य इसके राजस्व में लगभग 10 प्रतिशत का शुरुआती योगदान करना है।
उन्होंने कहा, ‘हम भौगोलिक क्षेत्रों, व्यापार की गुणवत्ता और उन क्षेत्रों के लिहाज से केंद्रित दृष्टिकोण अपना रहे हैं, जिन्हें हम हासिल करना चाहते हैं। हम वहां या तो साउंडबॉक्स लगा सकते हैं या फिर ईडीसी मशीन, ये दोनों ही लाभ और मार्जिन बढ़ाने वाले साधन हैं। हम इनसे किराये की अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं।’
उन्होंने बताया कि आखिरकार भारत के बड़े शहरी क्षेत्र से बाहर भी अधिक गुणवत्ता वाले व्यापारों को सेवाएं देने पर ध्यान केंद्रित करने से व्यापार कर्ज जैसी वित्तीय सेवाओं की क्रॉस-सेलिंग के अवसर खुलेंगे। मोबिक्विक के पास 18.66 करोड़ से ज्यादा पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और 47.9 लाख से ज्यादा व्यापारियों का एक बड़ा नेटवर्क है। उन्होंने कहा कि इस साल का ज्यादातर समय नेटवर्क बनाने और उसका विस्तार करने में लगाया जाएगा।
इस विस्तार प्रक्रिया में कुछ लागत तो आएगी, लेकिन साथ ही जीएमवी (सकल व्यापार मूल्य) में भी बढ़ोतरी होगी और उसके बाद राजस्व भी बढ़ेगा। आखिरकार कालांतर में यह कारोबार निवेश लागत निकालने की स्थिति में पहुंच जाएगा। टाकू ने बताया कि किसी साउंडबॉक्स से दो साल तक किराये के रूप में कमाई होती है, जबकि किसी ईडीसी मशीन से यह कमाई तीन साल तक जारी रहती है।