facebookmetapixel
Advertisement
सत्ता से नहीं, विचारधारा से कायम रहती है दलों की एकजुटतावैश्विक उथल-पुथल खत्म होने के बाद मजबूत वृद्धि की उम्मीद: IFSCA चीफ के राजारामनबाजार हलचल: जियो प्लेटफॉर्म्स पर मेटा, गूगल का दांव; IPO के लिए व्यस्त सप्ताहडिफेंस ऑर्डर और ट्रक कारोबार की मजबूती से भारत फोर्ज का शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई परफैक्ट्री नहीं, फिर भी ₹400 करोड़ का कारोबार; HRV फार्मा का वर्चुअल API मॉडल बना नई मिसाल पश्चिम एशिया संघर्ष का असर: भारत में स्टार्टअप फंडिंग 43% घटी, निवेशक हुए सतर्कFPI नियमों की समीक्षा करेगा सेबी, विदेशी निवेशकों को मिल सकती है राहतभारत-अमेरिका ट्रेड डील में ईयू जैसा प्रावधान चाहे भारत! ‘सनसेट क्लॉज’ पर जोर, टैरिफ पर भी नजरUP में ‘Blue Dots AI’ की शुरुआत, अब स्थानीय भाषा में घर बैठे मिलेगी नौकरी की जानकारीभारत से अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात 47% बढ़ा, Apple रही सबसे बड़ी वजह

बैंक ऋण वृद्धि के लिए हमेशा आरबीआई के धन पर निर्भर नहीं रह सकते: दास

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 5:02 PM IST

बैंक अपना ऋण कारोबार बढ़ाने के लिए सिर्फ केंद्रीय बैंक के धन पर स्थायी रूप से निर्भर नहीं रह सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को यह बात कही। दास ने कहा कि बैंकों को ऋण वृद्धि के लिए अधिक जमा जुटाने की जरूरत है।
 
उन्होंने कहा कि बैंकों ने रेपो दरों में बढ़ोतरी का प्रभाव अपनी जमा दरों पर डालना शुरू कर दिया है और यह प्रवृत्ति जारी रहने की उम्मीद है।
 
दास ने नीतिगत घोषणा के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब कोई ऋण की मांग होती है, तो बैंक उस ऋण वृद्धि को तभी बनाए रख सकते हैं और उसका समर्थन कर सकते हैं, जब उनके पास अधिक जमा राशि हो। वे ऋण वृद्धि का समर्थन करने के लिए केंद्रीय बैंक के धन पर हर वक्त निर्भर नहीं रह सकते हैं… उन्हें अपने खुद के संसाधन और कोष जुटाना होगा।’’
 
छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने शुक्रवार को रेपो दर को 0.50 प्रतिशत बढ़ाकर 5.40 प्रतिशत कर दिया।
 
आरबीआई के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा ने उम्मीद जताई की जमाओं की रफ्तार बहुत जल्द ऋण के साथ तालमेल बैठा लेगी।
 
आंकड़ों के मुताबिक, 15 जुलाई को समाप्त पखवाड़े में बैंक ऋण 12.89 प्रतिशत और जमाएं 8.35 प्रतिशत बढ़ीं।
 
दास ने उम्मीद जताई की दरों में बढ़ोतरी का असर बैंकों द्वारा जमा दरों में बढ़ोतरी के रूप में दिखाई देगा।
 
उन्होंने कहा, ‘‘पहले ही रुझान शुरू हो गए हैं। हाल के हफ्तों में कई बैंकों ने अपनी जमा दरों में वृद्धि की है और यह प्रवृत्ति जारी रहेगी।’’
 
 

Advertisement
First Published - August 5, 2022 | 6:25 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement