वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाताओं पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ऋण वृद्धि दो अंकों में रही है, जबकि जमा वृद्धि पीछे छूट गया है। एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक नई दिल्ली के पंजाब नैशनल बैंक द्वारा दिया गया ऋण सालाना आधार पर 12.17 प्रतिशत बढ़कर 11.96 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जबकि जमा सालाना आधार पर 9.14 प्रतिशत बढ़कर करीब 16.5 लाख करोड़ रुपये रहा है।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का ऋण सालाना आधार पर 18.9 प्रतिशत बढ़कर 3.45 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जबकि जमा 13.4 प्रतिशत बढ़कर 4.68 लाख करोड़ रुपये रहा है। मुंबई के इस ऋणदाता का सीडी अनुपात 355 आधार अंक बढ़कर 73.88 प्रतिशत हो गया।
निजी क्षेत्र के ऋणदाता सीएसबी बैंक का ऋण 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में 27 प्रतिशत बढ़कर 40,364 करोड़ रुपये हो गया है। इसमें सोने के गहनों के बदले दिया गया ऋण सालाना आधार पर 53 प्रतिशत बढ़कर 21,567 करोड़ रुपये हो गया है। लघु वित्त बैंकों (एसएफबी) की ऋण वृद्धि भी जमा की तुलना में अधिक रही है।
उज्जीवन एसएफबी का ऋण 26.6 प्रतिशत सालाना बढ़कर 40,655 करोड़ रुपये हो गया और जमा 21.3 प्रतिशत बढ़कर साथ 45,661 करोड़ रुपये हो गया है। इक्विटास एसएफबी का ऋण सालाना आधार पर 21.6 प्रतिशत बढ़कर 46,183 करोड़ रुपये और जमा लगभग 8 प्रतिशत बढ़कर 46,533 करोड़ रुपये हो गया है। कैपिटल एसएफबी का ऋण 31 मार्च, 2026 को समाप्त वर्ष के अंत में 20.9 प्रतिशत सालाना बढ़कर 8,687 करोड़ रुपये और जमा 20.4 प्रतिशत बढ़कर 10,018 करोड़ रुपये हो गया है।