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PharmEasy की पेरेंट कंपनी एपीआई होल्डिंग्स का नया फॉर्मूला: पहले मुनाफा, फिर ग्रोथ

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एपीआई होल्डिंग्स साल 2021 में 5.6 अरब डॉलर के शीर्ष मूल्यांकन पर पहुंच गई थी

Last Updated- May 19, 2026 | 10:52 PM IST
Rahul Guha
थायरोकेयर और एपीआई ग्रुप के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ राहुल गुहा

अगस्त 2025 में जब राहुल गुहा ऑनलाइन फार्मेसी फार्मइजी की ऋणग्रस्त मूल कंपनी एपीआई होल्डिंग्स के मुख्य कार्यकारी बने, तो कंपनी पर 20 प्रतिशत से अधिक की ब्याज दर पर लगभग 1,800 करोड़ रुपये का कर्ज था। 9 महीने बाद उन्होंने इस कर्ज को लगभग 1,050 करोड़ तक कम कर दिया। साथ ही शेष राशि के लिए लगभग 11 प्रतिशत की दर पर कर्ज का इंतजाम किया। वह  एपीआई होल्डिंग्स को समूह स्तर पर कुछ लाभ में भी ले आए।

अब गुहा समूह की अलग से सूचीबद्ध डायग्नोस्टिक्स कंपनी थायरोकेयर टेक्नॉलजीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने एपीआई होल्डिंग्स के लिए और अधिक महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है – शेयर बाजार पर उसकी अपनी भी सूचीबद्धता। लेकिन उन्हें कोई जल्दी नहीं है।

गुहा ने एपीआई होल्डिंग्स के बारे में कहा, ‘मैं ऐसी कंपनी को आईपीओ के लिए ले जाना चाहता हूं जो लाभ में हो और बैलेंस शीट पर शून्य ऋण या शून्य ऋण के करीब हो।’ उन्होंने कहा, ‘आईपीओ पर विचार करने से पहले अभी लगभग एक साल का काम बाकी है। मैं चाहता हूं कि थायरोकेयर को हटा दें तो एपीआई इस साल लाभ में आ जाए। मैं यह भी चाहता हूं कि कंपनी कर्ज मुक्त हो जाए। एक बार जब ये दोनों उपलब्धियां हासिल हो जाएंगी, तो आईपीओ के बारे में सोचना सही समय होगा।’

समूह की अलग से सूचीबद्ध डायग्नोस्टिक्स कंपनी थायरोकेयर टेक्नॉलजीज ने वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में जोरदार परिणाम दर्ज किया। उसका समेकित राजस्व 223.95 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 20 प्रतिशत अधिक है। एबिटा 31 प्रतिशत बढ़कर 75.09 करोड़ रुपये हो गया। कर के बाद लाभ (पीएटी) 128 प्रतिशत बढ़कर 48.70 करोड़ रुपये हो गया। इस बीच एपीआई होल्डिंग्स अब भी छोटा एबिटा नुकसान झेल रही है और उस पर 1,050 करोड़ रुपये का कर्ज है।

एपीआई होल्डिंग्स साल 2021 में 5.6 अरब डॉलर के शीर्ष मूल्यांकन पर पहुंच गई थी। इसके बाद साल 2024 में रंजन पई के नेतृत्व में एक डाउन राउंड में उसका मूल्यांकन लगभग 70 करोड़ डॉलर आंका गया था। एपीआई होल्डिंग्स ने 6,250 करोड़ रुपये जुटाने के लिए नवंबर 2021 में सबसे पहले आईपीओ के मसौदा कागजात दाखिल किए थे। शेयर बाजार में उसकी सूचीबद्धता साल 2022 में कराई जानी थी। लेकिन अगस्त 2022 में उसने अपना मसौदा वापस ले लिया क्योंकि बाजार का मनोबल नुकसान झेल रही तकनीकी फर्मों के खिलाफ हो गया था।

मुख्य कार्य अधिकारी की भूमिका से पहले जब गुहा जनवरी 2024 में एपीआई होल्डिंग्स में परिचालन अध्यक्ष के रूप में शामिल हुए थे, तो कंपनी सालाना लगभग 500 करोड़ रुपये का एबिटा नुकसान दर्ज कर रही थी।

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First Published - May 19, 2026 | 10:37 PM IST

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