facebookmetapixel
Advertisement
E20 पर फिर सरकार की सफाई: सिर्फ एथेनॉल वाले पेट्रोल से नहीं घटता माइलेज, कई और फैक्टर्स भी शामिलAI नौकरियां छीनेगा या बनाएगा अमीर? ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक कियोसाकी ने युवाओं को दी खास सलाहDividend Stocks: 450% का मोटा डिविडेंड! हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़ी कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सविदेशी संपत्ति छिपाई है? छोटे टैक्सपेयर्स के लिए 16 अगस्त से खुलेगा विंडो, CBDT ने किया ऐलानअगले 7-8 साल में देश में शुरू होंगे 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट, हमें चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनना होगा: PM1 शेयर पर मिलेगा ₹500 का डिविडेंड! डिस्ट्रीब्यूशन के कारोबार से जुड़ी कंपनी का निवेशकों को बड़ा तोहफाकिसानों से बोले PM मोदी: दुनिया भर में पहुंचाएं भारतीय उत्पाद, मिलेट्स-मसालों को ग्लोबल ब्रांड बनाएंDividend Stocks: अगले हफ्ते लगभग 90 कंपनियां बाटेंगी डिविडेंड, निवेशकों के पास मोटी कमाई का मौका‘होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र बनाने पर कर रहे काम’, ट्रंप के दावे से मची खलबली, ईरान ने किया खारिजभारतीय शेयर बाजार का 35 साल का सफर: हर्षद मेहता घोटाले से 2026 तक तेजी-मंदी की पूरी कहानी

WTO बैठक में उठेंगे बड़े सवाल, भारत की नजर ई-कॉमर्स पर

Advertisement

डब्ल्यूटीओ की मंत्रिस्तरीय बैठक में सुधार, ई-कॉमर्स, मत्स्य सब्सिडी और सार्वजनिक भंडारण पर अहम चर्चा होने की संभावना है

Last Updated- March 20, 2026 | 8:41 AM IST
Preparatory meeting for WTO Ministerial Conference 13 to be held

विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की आगामी 14वीं मंत्रिस्तरीय बैठक (एमसी-14) में सुधारों, ई-कॉमर्स, मत्स्य उद्योग को सब्सिडी और लंबे समय से अटके सार्वजनिक स्टॉकहोल्टडिंग के स्थायी समाधान पर चर्चा होने की संभावना है। मंत्रिस्तरीय सम्मेलन 26 से 29 मार्च के बीच कैमरून के याउंडे में होगा।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने गुरुवार को कहा, ‘इस सम्मेलन को मोटे तौर पर सुधार वाला मंत्रिस्तरीय सम्मेलन कहा जा रहा है, क्योंकि इसमें कई ऐसे मसले शामिल हैं, जिन पर विभिन्न देश लगातार जोर देते रहे हैं। इस सम्मेलन के परिणाम में तत्काल किसी सुधार की अपेक्षा नहीं है, बल्कि इसे डब्ल्यूटीओ में सुधार की दिशा में एक मार्ग या प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। यह विषय सम्मेलन के एजेंडे का हिस्सा होगा कि सुधार का विश्वसनीय मार्ग क्या हो सकता है?

क्या हमें उस मार्ग पर बढ़ना चाहिए और क्या सदस्य देशों को सुधार के मसले पर चर्चा करके अगले मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के लिए कुछ ठोस समाधान या सुझाव तैयार करना चाहिए।’ भारत को उम्मीद है कि ई-कॉमर्स से जुड़े मसलों पर विस्तार से चर्चा होगी क्योंकि यह व्यापार का उभरता क्षेत्र है और यह ऐसा विषय है, जिस पर 28 साल से लगातार चर्चा हो रही है। डब्ल्यूटीओ द्वारा लागू एक स्थगन व्यवस्था के तहत सदस्य देश ई-कॉमर्स से संबंधित सीमा पार लेन-देन पर किसी भी प्रकार का सीमा शुल्क नहीं लगाते हैं। डब्ल्यूटीओ के सदस्य देश समय-समय पर इस स्थगन की अवधि बढ़ाने पर सहमत होते रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे पर उनके बीच मतभेद भी रहे हैं।

उपरोक्त उल्लिखित अधिकारी ने कहा कि भारत का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से होने वाले लेन-देन के अंतर्गत आने वाली वस्तुओं की एक स्पष्ट परिभाषा निर्धारित किए जाने की सख्त आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त डब्ल्यूटीओ में निवेश सुविधा से जुड़े प्रस्ताव के संबंध में भी भारत पर दबाव पड़ने की संभावना है। इस प्रस्ताव पर 128 देशों ने अपनी सहमति जताई है, जिनमें यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देश भी शामिल हैं।

Advertisement
First Published - March 20, 2026 | 8:41 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement