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जी20 शेरपा अमिताभ कांत (G20 Sherpa Amitabh Kant) ने गुरुवार को कहा कि भारत को पूंजी आकर्षित करने के लिए 2047 तक हरित ऊर्जा (green energy) का निर्यातक बनना चाहिए। ‘रायसीना डायलॉग 2024’ को संबोधित करते हुए कांत ने कहा कि आज की चुनौती जलवायु परिवर्तन है और विश्व बैंक को जलवायु बैंक बनने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी निवेश नवीकरणीय क्षेत्र में आने की उम्मीद है। देश हरित क्षेत्र में जाने के बाद पूंजी को आकर्षित करने में सक्षम होंगे। कांत ने कहा, ‘‘ 2047 तक भारत को हरित ऊर्जा का निर्यातक होना चाहिए…अगर देश हरित ऊर्जा अपनाएंगे तो पूंजी आकर्षित करने में सक्षम होंगे।’’ उन्होंने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ को एक अलग रास्ता अपनाना चाहिए। प्रत्येक देश को नवीनीकरण पर जोर देने की जरूरत है।
कांत ने कहा कि जैव ईंधन रोजगार सृजन और स्वच्छ ईंधन लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी एक बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि 2050 तक देश की 90 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतों को नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा किया जाना चाहिए। कांत ने कहा, ‘‘ नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए आपको नीतिगत ढांचे, नेतृत्व और वित्त की आवश्यकता है।’’