facebookmetapixel
Advertisement
CrudeChem डील से बदलेगी Fineotex की तस्वीर? Choice ने BUY रेटिंग के साथ ₹51 दिया टारगेटइंफोसिस Q1 नतीजे: मुनाफा 12.2% बढ़कर ₹7,769 करोड़; राजस्व में 14% इजाफामाल ढुलाई पर रेलवे का बड़ा प्लान, 10 साल 40% हिस्सेदारी हासिल करने की तैयारीIPO के बाद अब SBI Funds लाएगा पहला टेक-फोकस्ड AIF, 20 करोड़ डॉलर के फंड की तैयारीWazirX की वापसी: 95% पुराने यूजर्स लौटे, फ्यूचर्स ट्रेडिंग में 300% उछाल52 वीक हाई पर पहुंचे बजाज ऑटो और टीवीएस के शेयर, हीरो-आयशर में भी तेजीCGHS Pensioner Card: रिटायरमेंट हुआ आसान! भविष्य पोर्टल से तुरंत बनेगा CGHS कार्डEPS Pension Hike: पेंशन बढ़कर 7,500 रुपये होगी या नहीं? सरकार ने लाखों EPFO सदस्यों को दिया साफ जवाबAxis AMC ने खरीदा Axis Securities का PMS बिजनेस, AUM बढ़कर ₹15,000 करोड़बारिश की कमी होगी दूर? 10 हजार किमी लंबी मॉनसूनी पट्टी से झमाझम बारिश के संकेत

चीन को टक्कर देने की तैयारी? महत्त्वपूर्ण खनिजों की मजबूत आपूर्ति श्रृंखला के लिए क्वाड देश जुटाएंगे $20 अरब

Advertisement

क्वाड देशों ने सुरक्षित खनिज आपूर्ति के लिए 20 अरब डॉलर की पहल शुरू की है, जबकि भारत-अमेरिका ने दुर्लभ धातुओं के खनन पर द्विपक्षीय समझौता किया

Last Updated- May 26, 2026 | 10:33 PM IST
Quad 2026
क्वाड देश के विदेश मंत्रियों की चल रही बैठक | फोटो: PTI

भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका ने मंगलवार को ‘क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स इनिशिएटिव फ्रेमवर्क’ पेश किया। इस ढांचे के तहत चारों देशों ने खनन, प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण सहित महत्त्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र से 20 अरब डॉलर तक की आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की इच्छा जताई है।

नई दिल्ली में घोषित इस ढांचे का मकसद रणनीतिक संसाधनों पर बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा के बीच उन्नत प्रौद्योगिकियों एवं औद्योगिक विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाले अहम खनिजों के लिए सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखलाएं तैयार करने से जुड़ी पहल को बढ़ावा देना है। इस पहल के तहत ‘क्वाड’ भागीदार ‘क्वाड नेक्सस’ वाली परियोजनाओं की पहचान करने की योजना की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं जिनमें सदस्य देशों में स्थित परियोजनाएं, इन देशों में मुख्यालय वाली कंपनियों द्वारा संचालित परियोजनाएं या क्वाड बाजारों को आपूर्ति करने वाली परियोजनाएं शामिल हैं।

समूह ने निर्यात ऋण एजेंसियों, विकास वित्त संस्थानों, गारंटी, ऋण, इक्विटी भागीदारी, बीमा, सब्सिडी और निजी पूंजी के जरिये रणनीतिक तौर पर महत्त्वपूर्ण खनिज परियोजनाओं का समर्थन करने की भी पेशकश की। इस रूपरेखा में अनुमित (परमिट) और नियामक प्रक्रियाओं, भू-वैज्ञानिक मानचित्रण और संसाधन मूल्यांकन पर सहयोग, और महत्त्वपूर्ण खनिज बाजारों में ‘गैर-बाजार नीतियों और अनुचित व्यापार व्यवहारों’ से निपटने के लिए समन्वित उपायों की परिकल्पना भी की गई है।

‘क्वाड’ देशों ने ई-कचरा और स्क्रैप सामग्री से महत्त्वपूर्ण खनिज दोबारा हासिल कर पुनर्चक्रण में सहयोग का भी प्रस्ताव रखा। इसमें पुनर्चक्रण प्रौद्योगिकियों, संग्रह नेटवर्क में निवेश और कचरा और स्क्रैप के लिए निर्यात-आयात प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना शामिल है। इसके अलावा, भारत और अमेरिका ने ‘महत्त्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के खनन और प्रसंस्करण में आपूर्ति सुनिश्चित करने’ पर एक रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौते पर नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने हस्ताक्षर किए। भारत-अमेरिका के इस ढांचे में महत्त्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातुओं से संबंधित खनन, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण और निवेश में सहयोग शामिल है, साथ ही इसका उद्देश्य लचीली और विविध आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना है।

भारत पहले ही अमेरिका के नेतृत्व वाली ‘पैक्स सिलिका’ पहल में शामिल हो चुका है और संसाधन भू-रणनीतिक जुड़ाव फोरम (फोर्ज) पहल के तहत अमेरिका के साथ साझेदारी कर रहा है। एक अन्य घटनाक्रम में ‘क्वाड’ देशों ने हिंद-प्रशांत ऊर्जा सुरक्षा पर एक संयुक्त बयान जारी किया जिसमें वैश्विक तेल, गैस और पेट्रो-रसायन बाजारों में व्यवधान और इसके प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की गई।

चारों देशों ने रणनीतिक पेट्रोलियम प्रणालियों, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवहारों और क्षेत्रीय ऊर्जा लचीलेपन पर सहयोग के समन्वय हेतु एक ‘क्वाड’ ईंधन सुरक्षा फोरम आयोजित करने की योजना की घोषणा की, साथ ही होर्मुज सहित महत्त्वपूर्ण समुद्री मार्गों के माध्यम से निर्बाध व्यापार प्रवाह पर भी जोर दिया।

Advertisement
First Published - May 26, 2026 | 10:33 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement