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ब्रिटेन से कार आयात पर शुल्क नहीं

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Last Updated- May 15, 2023 | 10:43 PM IST
No duty on car imports from UK

भारतीय कार निर्माताओं ने ब्रिटेन के साथ व्यापार समझौते में सीमित संख्या में वाहनों पर आयात कर समाप्त करने की सहमति जताई है। माना जा रहा है कि इससे दुनिया के तीसरे सबसे बड़े वाहन बाजार तक बेहतर पहुंच बनाने में बड़ी मदद मिलेगी। देश की प्रख्यात वाहन संस्था द्वारा सरकार को सौंपे गए प्रस्ताव के अनुसार, भारत मौजूदा समय में कार आयात पर 60 प्रतिशत और 100 प्रतिशत तक कर लगाता है, जिसे चरणबद्ध तरीके से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा, लेकिन इस दायरे में 46,200 वाहनों की सर्वा​धिक संख्या शामिल होगी।

सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफेक्चरर्स (सायम) ने वा​णिज्य मंत्रालय को सौंपी जानकारी में कहा है, ‘यदि जरूरत पड़ी तो आयात शुल्क शून्य भी किया जाएगा।’ इस सीमित कोटे से अलग, सायम ने 10 वर्ष की अव​धि के दौरान कारों पर आयात कर घटाकर 30 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है, जिस बार में रॉयटर्स ने पहले ही खबर प्रसारित की थी।

सायम अब ब्रिटेन से कुल आयात आंकड़े के आधार पर पांच साल बाद और ज्यादा कटौती की संभावना तलाश रहा है। सायम के सदस्यों में मारुति सुजूकी से लेकर टाटा मोटर्स और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा शामिल हैं। वा​​णिज्य मंत्रालय ने इस संबंध में पूछे गए सवालों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भारत बेहद सुर​​​क्षित वाहन निर्माताओं में से एक है, जहां आयात कर दुनिया में सर्वा​धिक हैं। यह टेस्ला जैसी कंपनियों को पसंद नहीं है, जिसने पिछले साल यहां प्रवेश करने की अपनी योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया। आयात कर में कटौती का मकसद भारतीय बाजार को स्वतंत्र बनाना है, लेकिन कुछ विश्लेषकों का कहना है कि इससे ज्यादा मदद नहीं मिल सकती है, क्योंकि इस योजना के दायरे में आने वाले वाहनों की संख्या कम रखी गई है।

भारत ने 31 मार्च 2023 को समाप्त पिछले पिछले वित्त वर्ष में 40 लाख कारें बेचीं। शून्य आयात शुल्क के लिए सायम का प्रस्ताव पहले साल में सिर्फ 26,400 कारों के लिए सीमित है, जिसे एक दशक में बढ़ाकर 46,200 किया जाएगा।

इस प्रस्ताव से अवगत उद्योग के एक अ​धिकारी ने कहा, ‘इस कोटे (शून्य आयात शुल्क) से लाभा​न्वित होने वाले वाहनों की संख्या को भारतीय बाजार आकार के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह प्रस्ताव सिर्फ कम्बश्चन इंजन वाली इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड, हाइड्रोजन के लिए लागू है।

ब्रिटेन में निसान, बीएमडब्ल्यू और टाटा की जेएलआर जैसी कंपनियों द्वारा संचालित कुछ ही कार संयंत्र हैं।’ हालांकि शून्य शुल्क के सायम का प्रस्ताव छोटे इंजन वाली कारों के लिए ज्यादा फायदेमंद है​ जिससे निसान जैसी कंपनियों को अ​धिक मदद मिल सकती है।

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First Published - May 15, 2023 | 10:43 PM IST

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