facebookmetapixel
Advertisement
BS ‘Manthan’ में बोले डिफेंस एक्सपर्ट्स: ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ के लिए सैन्य शक्ति में बनना होगा आत्मनिर्भरBS Manthan में बोले शेखर कपूर: फिल्म इंडस्ट्री में AI सबसे लोकतांत्रिक तकनीक, नए क्रिएटर्स को बनाएगा मजबूतसैलरीड होकर 20-30% टैक्स दे रहे हैं आप, अमीर कैसे बचा लेते हैं ज्यादा पैसा? एक्सपर्ट ने खोला राजसिर्फ क्लाइमेट चेंज नहीं, अब ‘जियोपॉलिटिक्स’ बढ़ाएगी भारत में क्लीन एनर्जी की रफ्तार: BS ‘मंथन’ में बोले सुमंत सिन्हाBS Mantha 2026: EVs स्टार्टअप्स क्यों रह गए PLI से बाहर?BS Manthan में बोले एक्सपर्ट्स: बढ़ती AI पावर यूज के बीच ग्रीन डेटा सेंटर पॉलिसी जरूरीBS Manthan में बोले एक्सपर्ट्स: टेक्नोलॉजी, मटेरियल और सप्लाई चेन से मजबूत होगा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर‘AI अपनाओ, भले कमाई क्यों न घट जाए’, TCS ने अपने कर्मचारियों से कहा: इससे घबराने की जरूरत नहींNPS वात्सल्य में बड़ा बदलाव: अब 100% इक्विटी निवेश की छूट, बच्चों के लिए बनेगा भारी फंडखेती में हर साल हो सकती है ₹40000 करोड़ तक की बचत, बीएस मंथन में कृषि विशेषज्ञों ने बताए समाधान

लेदर एक्सपोर्ट चालू वित्त वर्ष में 12 प्रतिशत बढ़कर 5.3 अरब डॉलर पर पहुंचने की उम्मीद: CLE

Advertisement

जालान ने कहा कि भारतीय निर्यातक अफ्रीका में भी व्यापार के अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह उद्योग श्रम प्रधान है, जो करीब 42 लाख लोगों को रोजगार देता है।

Last Updated- December 22, 2024 | 2:53 PM IST
leather export
Representative Image

चमड़ा निर्यात परिषद (सीएलई) के चेयरमैन राजेंद्र कुमार जालाना ने उम्मीद जताई है कि देश का चमड़ा और फुटवियर निर्यात प्रमुख वैश्विक बाजारों में अच्छी मांग के कारण चालू वित्त वर्ष (2024-25) में 12 प्रतिशत बढ़कर 5.3 अरब डॉलर पर पहुंच सकता है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका सहित कई देशों की कंपनियां भारत में विनिर्माण आधार स्थापित करने में गहरी रुचि दिखा रही हैं।

जालान ने कहा, “हमारा निर्यात 2023-24 में 4.69 अरब डॉलर था और चालू वित्त वर्ष में हम इसे बढ़ाकर 5.3 अरब डॉलर करने की उम्मीद कर रहे हैं। आने वाले महीनों के लिए ऑर्डर बुक अच्छी है।” उन्होंने कहा कि ‘अमेरिका और ब्रिटेन से भारी मांग आ रही है।’ जालान ने कहा कि भारतीय निर्यातक अफ्रीका में भी व्यापार के अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह उद्योग श्रम प्रधान है, जो करीब 42 लाख लोगों को रोजगार देता है।

इस क्षेत्र का कुल कारोबार करीब 19 अरब डॉलर का है, जिसमें पांच अरब डॉलर का निर्यात है। जालान ने कहा, “इस क्षेत्र में 2030 तक कुल कारोबार 47 अरब डॉलर तक पहुंचने की क्षमता है, जिसमें 25 अरब डॉलर का घरेलू और 13.7 अरब डॉलर का निर्यात कारोबार शामिल है।”

उन्होंने सरकार से यह भी अनुरोध किया कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को इस क्षेत्र में भी लागू किया जाए क्योंकि इससे 47 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी और लगभग सात से आठ लाख लोगों के लिए अतिरिक्त रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

बजट से अपेक्षाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘परिषद ने वित्त मंत्रालय से तैयार चमड़े पर आयात शुल्क हटाने का अनुरोध किया है।”

Advertisement
First Published - December 22, 2024 | 2:53 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement