facebookmetapixel
दूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटा

लेदर एक्सपोर्ट चालू वित्त वर्ष में 12 प्रतिशत बढ़कर 5.3 अरब डॉलर पर पहुंचने की उम्मीद: CLE

जालान ने कहा कि भारतीय निर्यातक अफ्रीका में भी व्यापार के अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह उद्योग श्रम प्रधान है, जो करीब 42 लाख लोगों को रोजगार देता है।

Last Updated- December 22, 2024 | 2:53 PM IST
leather export
Representative Image

चमड़ा निर्यात परिषद (सीएलई) के चेयरमैन राजेंद्र कुमार जालाना ने उम्मीद जताई है कि देश का चमड़ा और फुटवियर निर्यात प्रमुख वैश्विक बाजारों में अच्छी मांग के कारण चालू वित्त वर्ष (2024-25) में 12 प्रतिशत बढ़कर 5.3 अरब डॉलर पर पहुंच सकता है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका सहित कई देशों की कंपनियां भारत में विनिर्माण आधार स्थापित करने में गहरी रुचि दिखा रही हैं।

जालान ने कहा, “हमारा निर्यात 2023-24 में 4.69 अरब डॉलर था और चालू वित्त वर्ष में हम इसे बढ़ाकर 5.3 अरब डॉलर करने की उम्मीद कर रहे हैं। आने वाले महीनों के लिए ऑर्डर बुक अच्छी है।” उन्होंने कहा कि ‘अमेरिका और ब्रिटेन से भारी मांग आ रही है।’ जालान ने कहा कि भारतीय निर्यातक अफ्रीका में भी व्यापार के अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह उद्योग श्रम प्रधान है, जो करीब 42 लाख लोगों को रोजगार देता है।

इस क्षेत्र का कुल कारोबार करीब 19 अरब डॉलर का है, जिसमें पांच अरब डॉलर का निर्यात है। जालान ने कहा, “इस क्षेत्र में 2030 तक कुल कारोबार 47 अरब डॉलर तक पहुंचने की क्षमता है, जिसमें 25 अरब डॉलर का घरेलू और 13.7 अरब डॉलर का निर्यात कारोबार शामिल है।”

उन्होंने सरकार से यह भी अनुरोध किया कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को इस क्षेत्र में भी लागू किया जाए क्योंकि इससे 47 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी और लगभग सात से आठ लाख लोगों के लिए अतिरिक्त रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

बजट से अपेक्षाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘परिषद ने वित्त मंत्रालय से तैयार चमड़े पर आयात शुल्क हटाने का अनुरोध किया है।”

First Published - December 22, 2024 | 2:53 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट