facebookmetapixel
Advertisement
Laser Power & Infra IPO: ₹203-214 तय हुआ प्राइस बैंड, 9 जुलाई से खुलेगा इश्यू; निवेश से पहले जान लें कंपनी की पूरी डिटेलSBI, Airtel: शेयर बाजार में अब कहां बनेगा पैसा? Q1 के पहले ब्रोकरेज ने बताए टॉप सेक्टर और शेयरसेंसेक्स 1 लाख पहुंचेगा या 66,000 तक फिसलेगा? ग्लोबल ब्रोकरेज ने बताया आगे का आउटलुकKnack Packaging IPO Allotment: आज फाइनल होगा अलॉटमेंट, ऐसे करें स्टेटस चेक; जानें लेटेस्ट GMPITR Filing 2026: पिछले ITR में FD का ब्याज नहीं दिखाया? जानिए अब कितना टैक्स और जुर्माना देना पड़ सकता हैऑटो इंडस्ट्री के लिए ऐतिहासिक जून! EV, CNG ने बढ़ाया बाजार का जोश; अब मॉनसून पर नजरब्रेकआउट के बाद दौड़ सकते हैं ये 3 शेयर! Axis Direct ने जारी किए नए टारगेट, Nifty पर भी बड़ा अनुमान₹52,000 करोड़ की डिफेंस खरीद से इन 6 शेयरों की लग सकती है लॉटरी! ब्रोकरेज ने बताए टारगेटGold-Silver Price Today: भारत में लुढ़के सोने-चांदी के दाम, लेकिन विदेशी बाजार में कीमतों ने लगाई लंबी छलांगMidcap Funds: इन्फ्रा, सेमीकंडक्टर बूस्ट बने नए ग्रोथ इंजन, निवेश के लिए आगे क्या हो स्ट्रैटेजी?

भारत-अमेरिका व्यापार में आएगा बंपर उछाल! हाइड्रोकार्बन सेक्टर खोल सकता है 500 अरब डॉलर का रास्ता

Advertisement

रिपोर्ट के अनुसार हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में बढ़ता सहयोग भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Last Updated- June 11, 2026 | 9:57 AM IST
India-US Trade Deal
Representative image

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 500 अरब डॉलर तक बढ़ाने के साझा लक्ष्य को हासिल करने में हाइड्रोकार्बन प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। यह जानकारी अमेरिका-भारत इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) और ग्रांट थॉर्नटन भारत की बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

‘भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करना : निवेश और सहयोग के जरिए हाइड्रोकार्बन के अवसरों को खोलना’ शीर्षक वाली यह रिपोर्ट बताती है कि कैसे दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंध व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदल रहे हैं। इसमें हाइड्रोकार्बन मूल्य श्रृंखला में व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे और ऊर्जा सुरक्षा जैसे पहलू शामिल हैं।

ग्रांट थॉर्नटन ने बयान में कहा, ‘रिपोर्ट के नतीजे बताते हैं कि एलएनजी (लिक्विफाइड नैचुरल गैस), कच्चे तेल, एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस), इथेन और प्रोपेन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के बड़े अवसर हैं। इससे दोनों देशों के लिए निवेश के नए रास्ते खुलेंगे, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और आपूर्ति श्रृंखला अधिक मजबूत बनेगी।’

रिपोर्ट साझेदारी की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिएतीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में कदम उठाने की सिफारिश करती है। ये क्षेत्र हैं : द्विपक्षीय हाइड्रोकार्बन व्यापार का दायरा व मूल्य बढ़ाना, दोनों देशों में ऊर्जा कंपनियों के लिए निवेश का भरोसेमंद व आकर्षक माहौल बनाना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाना। रिपोर्ट भारत के हाइड्रोकार्बन इकोसिस्टम में अमेरिकी निवेश के अवसरों की पहचान करती है।

Advertisement
First Published - June 11, 2026 | 9:57 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement