facebookmetapixel
Advertisement
ऑटो सेक्टर को PLI स्कीम के तहत FY27 में ₹4,700 करोड़ देगी सरकार, निवेश बढ़ाने की तैयारी तेजटाटा कैपिटल का रिवॉल्विंग क्रेडिट एक्सपोजर 5% से कम, RBI के नए प्रस्ताव से कंपनी पर पड़ेगा सीमित असररूस से तेल खरीद पर 100% अमेरिकी टैरिफ की धमकी, भारत-अमेरिका वार्ता में बढ़ सकता है दबाव‘ग्रामीण भारत तक पहुंचे बैंकिंग AI, तभी असली सफलता होगी हासिल’, SBI चेयरमैन सीएस शेट्टी की सलाहपांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट तेज, भाजपा-सपा-कांग्रेस-बसपा समेत दलों ने कसी कमरBrand Canvas 2026: VIT की ‘पावर रेंजर्स’ ने जीता बीस्मार्ट की पहली विज्ञापन प्रतियोगिता का खिताबY2K से AI के दौर तक: 1991 के आर्थिक सुधारों ने कैसे बदल डाली भारतीय IT इंडस्ट्री की पूरी तस्वीरअमेरिका में क्रिप्टो बिल से भारत पर बढ़ा दबाव, ससंदीय समिति ने VDA कानून बनाने की मांग कीनई मर्सिडीज-BMW हुई मंहगी तो पुरानी लक्जरी कारों की बिक्री में आया उछाल, युवा खरीदारों की बनी पसंद‘जिम्मेदारी से करें AI का इस्तेमाल, हर फैसले के लिए आप होंगे जवाबदेह’, RBI गवर्नर ने दी बैंकों को हिदायत

भारत बड़े पुनरुद्घार के करीब, ऊंची महंगाई का अधिक प्रचार

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 8:16 PM IST

भारतीय अर्थव्यवस्था एक बड़े आर्थिक पुनरुद्धार के मुहाने पर है और पिछले सात साल के दौरान सरकार द्वारा किए गए उपायों से एक मजबूत आर्थिक बुनियाद रखी गई है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने आज यह बात कही। कुमार ने कहा कि वृद्धि दर में नरमी के बीच ऊंची महंगाई यानी स्टैगफ्लेगशन की बात का कुछ अधिक प्रचार किया जा रहा है। ऐसी स्थिति नहीं है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष कुमार ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से उत्पन्न आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद सभी संकेतों से स्पष्ट है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना रहेगा। उल्लेखनीय है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष की वजह से वैश्विक आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई है।
कुमार ने कहा, पिछले सात वर्षों में सरकार द्वारा किए गए सभी सुधारों और यह उम्मीद करते हुए कि संभवत: हम कोविड-19 महामारी का अंत देख रहे हैं और 2022-23 में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल कर सकेंगे, यह कहा जा सकता है कि आगामी वर्षों में अर्थव्यवस्था में तेज वृद्धि के लिए एक मजबूत बुनियाद रखी जा रही है। हालिया सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के 2021-22 में 8.9 प्रतिशत की दर से बढऩे का अनुमान है। भारतीय रिजर्व बैंक ने 2022-23 में आर्थिक वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। कुमार ने कहा, इसलिए मुझे लगता है कि भारत एक बड़े आर्थिक पुनरुद्धार और आर्थिक वृद्धि के करीब है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान में संशोधन हो सकता है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने हालांकि कहा कि इसके बावजूद भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। अन्य सभी आर्थिक मानदंड वास्तव में हमारी सीमा के अंदर हैं।
रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था। उसके बाद अमेरिका सहित अन्य पश्चिमी देशों ने रूस पर कई बड़े आर्थिक और अन्य प्रतिबंध लगाए हैं। बढ़ती महंगाई पर कुमार ने कहा कि रिजर्व बैंक उसे दी गई जिम्मेदारी के मद्देनजर इसपर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा, मुझे भरोसा है कि केंद्रीय बैंक इसपर (मुद्रास्फीति पर) अच्छी तरह से नियंत्रण कर रहा है और जरूरत पडऩे पर और जरूरी कदम उठाएगा।  
खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में आठ माह के उच्चस्तर 6.07 प्रतिशत पर पहुंच गई है। यह लगातार दूसरे महीने रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है। वहीं थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति बढ़कर 13.11 प्रतिशत हो गई है। वृद्धि दर में नरमी के बीच ऊंची महंगाई यानी स्टैगफ्लेशन के जोखिम पर पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
ऐसे में यह कहीं से भी स्टैगफ्लेशन की परिभाषा के पास नहीं है। 

Advertisement
First Published - April 3, 2022 | 11:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement