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सरकार ने ECMS के तहत 31 नए प्रस्तावों को दी मंजूरी, कुल ₹7,877 करोड़ का होगा निवेश

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ECMS के जरिए सरकार देश में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में एक मजबूत सप्लाई चेन तैयार करने की कोशिश कर रही है

Last Updated- August 17, 2026 | 5:07 PM IST
S Krishnan IAS
IT सचिव एस कृष्णन | फोटो क्रेडिट: Commons

सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम यानी ECMS के तहत 31 नए प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन प्रस्तावों में कुल 7,877 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। IT सचिव एस कृष्णन ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। हालांकि, मंजूर किए गए नए प्रस्तावों से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

ECMS के जरिए सरकार देश में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में एक मजबूत सप्लाई चेन तैयार करने की कोशिश कर रही है। नई मंजूरियां इसी दिशा में एक और कदम हैं।

मार्च में 29 प्रस्तावों को मिली थी मंजूरी

इससे पहले मार्च में सरकार ने ECMS के तहत 29 आवेदनों को मंजूरी दी थी। इन प्रस्तावों में कुल 7,104 करोड़ रुपये का निवेश होना था। सरकार के मुताबिक, इन प्रोजेक्ट्स से करीब 14,246 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद थी। साथ ही, इनसे 84,515 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट तैयार होने का अनुमान लगाया गया था।

इन 29 प्रस्तावों की मंजूरी के बाद जुलाई में जारी सरकारी अपडेट के अनुसार, ECMS के तहत मंजूर आवेदनों की संख्या बढ़कर 75 हो गई थी। इन प्रोजेक्ट्स में 23 तरह के प्रोडक्ट शामिल थे। इनसे 61,671 करोड़ रुपये के निवेश और 4.51 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन का अनुमान लगाया गया था। साथ ही, करीब 65,040 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद थी।

ECMS के तहत प्रिंटेड सर्किट बोर्ड, पैसिव कंपोनेंट, इलेक्ट्रो मैकेनिकल कंपोनेंट, सब-असेंबली, कैमरा मॉड्यूल और ऑप्टिकल ट्रांसीवर जैसे प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

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ECMS का बजट बढ़कर ₹40,000 करोड़ हुआ

इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम यानी ECMS को अप्रैल 2025 में शुरू किया गया था। उस समय सरकार ने इसके लिए 22,919 करोड़ रुपये का शुरुआती बजट तय किया था। इस योजना की अवधि छह साल रखी गई थी। इसमें जरूरत पड़ने पर एक साल की अतिरिक्त समय का भी नियम था।

केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने ECMS के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया। सरकार का कहना है कि ज्यादा बजट से देश में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट बनाने की क्षमता बढ़ाने और पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

दिसंबर 2025 तक ECMS के तहत 1,15,351 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद थी। यह योजना के शुरुआती 59,350 करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य से काफी ज्यादा था। सरकार ने छह साल की अवधि में 10,34,751 करोड़ रुपये के उत्पादन और 1,41,801 प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होने का अनुमान लगाया था।

तीन चरणों में भी मंजूर हुए थे प्रोजेक्ट

नए 31 प्रस्तावों की मंजूरी से पहले सरकार ने ECMS के तहत तीन चरणों में 46 आवेदनों को मंजूरी दी थी। इन प्रोजेक्ट्स में कुल 54,567 करोड़ रुपये का निवेश शामिल था। इनसे 3,67,343 करोड़ रुपये के उत्पादन का अनुमान लगाया गया था। साथ ही, करीब 51,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद थी।

इन तीन चरणों में अक्टूबर 2025 में 7, नवंबर 2025 में 17 और जनवरी 2026 में 22 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली थी। इन सभी प्रोजेक्ट्स में कुल 54,567 करोड़ रुपये का निवेश शामिल था।

इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी

ECMS देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन बढ़ाने और घरेलू स्तर पर ज्यादा वैल्यू जोड़ने की सरकार की बड़ी कोशिश का हिस्सा है। जुलाई में जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन 2014-15 में करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 13.11 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसी दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात भी करीब 38,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 4.24 लाख करोड़ रुपये हो गया।

सरकार के मुताबिक, देश का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर इस समय करीब 25 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों को सपोर्ट कर रहा है।

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First Published - August 17, 2026 | 4:59 PM IST

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