देश के सबसे गरीब राज्यों में से एक छत्तीसगढ़ बेहतर राजकोषीय स्थिति की सूची में महाराष्ट्र के बाद दूसरे स्थान पर है और तेलंगाना इस सूची में तीसरे स्थान पर है। वहीं निचले तीन पायदान पर पश्चिम बंगाल, पंजाब और केरल हैं। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
डॉयचे बैंक इंडिया (Deutsche Bank India) के मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक दास द्वारा प्रमुख 17 राज्यों के वित्तीय स्वास्थ्य पर तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 के पहले बजट अनुमानों के आधार पर महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना शीर्ष तीन राज्यों में शामिल हैं।
निचले तीन पायदान पर पश्चिम बंगाल, पंजाब और केरल हैं। दूसरी ओर वित्त वर्ष 2022-23 के संशोधित बजट अनुमानों के आधार पर, महाराष्ट्र रैंकिंग में शीर्ष पर रहा। इसके बाद छत्तीसगढ़, ओडिशा तेलंगाना और झारखंड हैं।
इस दौरान पश्चिम बंगाल का प्रदर्शन सबसे खराब था, जबकि उसके बाद पंजाब, बिहार, राजस्थान और उत्तर प्रदेश का नाम आता है। केरल सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पांच राज्यों से बाहर रहा।
आंध्र प्रदेश की रैंकिंग वित्त वर्ष 2021-22 में आठवें स्थान से गिरकर वित्त वर्ष 2022-23 में 11वें स्थान पर आ गई। गुजरात पांचवें से सातवें स्थान पर खिसक गया है।
प्रमुख 17 राज्यों की राजकोषीय स्थिति पर आधारित रिपोर्ट चार प्रमुख राजकोषीय मापदंडों- राजकोषीय घाटा (fiscal deficit), स्वयं का कर राजस्व (own tax revenue), राज्य ऋण स्तर (state debt levels) (सभी उनके व्यक्तिगत सकल राज्य घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में) और अंत में राजस्व प्राप्तियों के मुकाबले ब्याज भुगतान पर आधारित है।