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राजकोषीय घाटा चार माह में 20.5 फीसदी रहा

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Last Updated- December 11, 2022 | 4:06 PM IST

 सरकारी आंकड़े के अनुसार देश का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के चार महीनों में वार्षिक लक्ष्य के 3.4 लाख करोड़ रुपये या 20.5 फीसदी दर्ज किया गया। पिछले साल की समान अवधि में केंद्र का राजकोषीय घाटा तय लक्ष्य का 3.2 लाख करोड़ रुपये या 21.3 फीसदी था। वित्त वर्ष 2023 के लिए देश के राजकोषीय घाटे का अनुमान जीडीपी का 6.4 फीसदी है जो पिछले साल 6.71 फीसदी था। 
बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह आंकड़ा सार्वजनिक वित्त की स्थिति में सुधार को दर्शाता है। व्यय और राजस्व के अंतर को राजकोषीय घाटा कहा जाता है। राजकोषीय घाटा सरकार द्वारा बाजार से लिए गए कर्ज को भी दर्शाता है। इस दौरान सरकार की कुल प्राप्तियां 7.86 लाख करोड़ या लक्ष्य का 34.4 फीसदी पर पहुंच गई। पिछली समान अवधि में भी यह लगभग इतनी ही यानी 34.6 थी। केंद्र सरकार का कुल खर्च 11.26 लाख करोड़ रुपये या बजट अनुमान का 28.6 प्रतिशत रहा है। यह लगभग एक साल पहले की समान अवधि के बराबर है। 
सरकार ने जुलाई में खर्च कम करके राजकोषीय अधिशेष भी दर्ज किया है। जुलाई में केंद्र का कुल खर्च 1.78 लाख करोड़ रहा जो कि जून में 3.62 लाख करोड़ रुपये था। जुलाई में कुल प्राप्तियां 1.89 लाख करोड़ रुपये रहीं। वहीं, कर राजस्व 6.66 लाख करोड़ रुपये या चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 34.4 प्रतिशत रहा। पिछले साल भी सरकार अप्रैल-जुलाई के दौरान अपने वार्षिक अनुमान का 34.2 प्रतिशत पाने में सफल रही थी। 
 

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First Published - August 31, 2022 | 10:45 PM IST

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