facebookmetapixel
कई राज्यों के कर्ज पर नियंत्रण रखने में विफल एफआरएलPMAY-शहरी 2.0 योजना के तहत गरीबों के आवास का सालाना लक्ष्य 350% बढ़ानिजी जीवन बीमाकर्ताओं के क्रेडिट लाइफ कारोबार में सुधार, माइक्रोफाइनेंस दबाव घटने से दिखी तेजीरूसी तेल नहीं खरीदने पर भारत ने जताई प्रतिबद्धता: व्हाइट हाउस का दावा, रूस बोला—योजना में कुछ नया नहींयेस बैंक की वृद्धि बहाली की कमान विनय टोंसे को, नए एमडी-सीईओ पर अगले चरण की जिम्मेदारीGold, Silver Price Today: सोना फिर ₹1.50 लाख से नीचे लुढ़का, चांदी में भी गिरावटऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने का लक्ष्य: पीयूष गोयलQ3 Results: कॉग्निजेंट का मुनाफा 19% बढ़ा, ट्रेंट के रेवेन्यू में इजाफा; जानें कैसे रहे बाकी कंपनियों के नतीजेइंडिगो ने अंतरराष्ट्रीय वाइड-बॉडी उड़ानों में की कटौतीएंथ्रोपिक के एआई टूल से टेक कंपनियों में बढ़ी प्रतिस्पर्धा

कम पानी वाली फसलों को प्रोत्साहित करे: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

चालू अंतरराष्ट्रीय मोटे अनाज वर्ष 2023 में ‘श्री अन्न’ का उत्पादन और विपणन राष्ट्रीय प्राथमिकता है।

Last Updated- June 19, 2023 | 11:05 PM IST
Sitharaman invites Mexican companies to collaborate with startups, educational institutions सीतारमण ने मैक्सिकों की कंपनियों को स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग के लिए किया आमंत्रित

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को नाबार्ड से कहा कि वह किसानों को अधिक लाभदायी के साथ-साथ पानी की कम खपत करने वाली फसलों, खासकर मोटे अनाज, दलहन और तिलहन की ओर अपना रुख करने के लिए प्रोत्साहित करे।

राष्ट्रीय कृषि व ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की समीक्षा बैठक में सीतारमण ने इस कृषि-वित्त संस्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में ग्रामीण आय में सुधार के साथ जमीनी स्तर पर दक्षता और परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने की सलाह दी।

चालू अंतरराष्ट्रीय मोटे अनाज वर्ष 2023 में ‘श्री अन्न’ का उत्पादन और विपणन राष्ट्रीय प्राथमिकता है। ऐसे में वित्त मंत्री ने नाबार्ड को किसानों को मोटे अनाज के तहत आने वाले खेती के रकबे को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने और पहले से ही मोटे अनाज उगाने वाले किसानों के लाभ की रक्षा करने का निर्देश दिया।

वित्त मंत्रालय के ट्वीट में कहा गया है, ‘वित्त मंत्री ने किसानों को अधिक लाभकारी लेकिन कम पानी की खपत वाली फसलों, विशेष रूप से बाजरा, दलहन और तिलहन की ओर बढ़ने के लिए जागरूक करने के ठोस प्रयासों पर जोर दिया।’ मंत्री ने नाबार्ड को ग्रामीण ऋण बढ़ाने के लिए कदम उठाने के अलावा पूर्वोत्तर राज्यों पर ध्यान देने के साथ किसान उत्पादक संगठनों द्वारा जैविक उत्पादकों के एकत्रीकरण को सुविधाजनक बनाने का भी निर्देश दिया।

अन्य ट्वीट में वित्त मंत्रालय ने कहा कि केंद्रीय बजट और प्रमुख योजनाओं से वित्तपोषित परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए 17 जून को एक ‘चिंतन शिविर’ आयोजित किया गया था।

First Published - June 19, 2023 | 11:05 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट