सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित 150 करोड़ रुपये या इससे अधिक लागत वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की कुल लागत जनवरी में 16.4 प्रतिशत बढ़ी है। लागत बढ़ने से चल रही 1702 परियोजनाओं की संशोधित लागत उनकी मूल लागत 33.7 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 39.2 लाख करोड़ रुपये हो गई है। हालांकि जनवरी 2026 में लागत वृद्धि दिसंबर 2025 में हुई 18.3 प्रतिशत की तुलना में कम है।
कुल मिलाकर देखें तो जनवरी में मूल अनुमानों से लागत में 5.53 लाख करोड़ रुपये वृद्धि हुईस है, एक महीने पहले 5.42 लाख करोड़ रुपये थी। जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की परियोजनाओं में सबसे ज्यादा वृद्धि जारी रही है।
इसमें संशोधित लागत प्रारंभिक अनुमानों से दोगुने से अधिक होकर 99,854 करोड़ रुपये हो गई है, जो 102 प्रतिशत की वृद्धि है। दिसंबर में भी इन विभागों की लागत में इतनी ही वृद्धि हुई थी। इसके बाद दूरसंचार विभाग की लागत में 80.36 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 1.22 लाख करोड़ रुपये है।खान मंत्रालय की परियोजनाओं की लागत करीब 27.7 प्रतिशत या 2,380.14 करोड़ रुपये बढ़ी है।
केंद्र की चल रही परियोजनाओं की लागत में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की हिस्सेदारी सर्वाधिक है। इसके मूल परिव्यय की लागत में 1.91 प्रतिशत वृद्धि हुई, जो करीब 15,300.6 करोड़ रुपये है। इसी तरह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, रेलवे, स्टील और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के तहत परियोजनाओं में लागत में क्रमशः 24.4 प्रतिशत, 21.9 प्रतिशत, 16.6 प्रतिशत और 15.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके विपरीत उच्च शिक्षा और खेल मंत्रालयों ने बचत की सूचना दी है। इनके संशोधित अनुमान, मूल अनुमान से क्रमशः 1.75 प्रतिशत और 32.5 प्रतिशत कम है।