फरवरी में GST कलेक्शन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। सरकार को इस महीने कुल ग्रॉस GST कलेक्शन 1.83 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मिला, जो पिछले साल की तुलना में 8.1 फीसदी ज्यादा है। इसमें सबसे बड़ा योगदान आयात (इंपोर्ट) से मिलने वाले टैक्स का रहा। घरेलू कारोबार से मिलने वाला ग्रॉस रेवेन्यू […]
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पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अचानक बिगड़े हालातों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और इजराजल द्वारा ईरान पर किए गए हमले और वहां के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद पूरा इलाका युद्ध की आग में झुलस रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने अपनी […]
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भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद अप्रैल महीने में तेज गिरावट के साथ चार वर्षों के सबसे निचले स्तर पर आ सकती है। उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह कमी ऐसे समय में देखने को मिल सकती है जब एक ओर रिफाइनरियां केंद्र सरकार से आगे की रणनीति पर स्पष्ट संकेत का […]
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US Tariffs: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ के खिलाफ दिए गए फैसले के बाद की स्थितियों पर भारत करीबी नजर रख रहा है। वह इस महीने की शुरुआत में अंतिम रूप दिए गए अंतरिम व्यापार समझौते का अधिकतम लाभ उठाने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखेगा। यह बात वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री […]
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट के बाद शुक्रवार की सुबह आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए वित्तीय संस्थानों और विश्लेषकों से व्यावहारिक समाधान तैयार करने और बाजार के विश्वास को मजबूत करने में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने सरकार, उद्योग, वित्तीय संस्थानों और अकादमिक जगत के बीच सहयोग को औपचारिक रूप देने के […]
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सरकार ने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और संबंधित आंकड़ों को मापने के लिए नए तरीके अपनाए हैं। पहले की एकल मूल्य सूचकांक (डिफ्लेटर) पद्धति से जुड़ी आलोचनाओं के बाद यह कदम उठाया गया है क्योंकि इससे उत्पादन और खर्च के आंकड़ों में फर्क आ रहा था। यह बदलाव सिर्फ आधार वर्ष को 2011-12 से 2022-23 […]
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भारतीय कंपनियों की शुक्रवार को जारी विनिर्माण के आंकड़ों पर करीबी निगाह रह सकती है। 2022-23 के संशोधित आधार वर्ष के साथ जारी ये आंकड़े सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की नई श्रृंखला पर आधारित हैं। बीते सालों में कारोबारी परिणामों में नजर आई वृद्धि 2011-12 आधार वर्ष वाली जीडीपी श्रृंखला में नजर नहीं आती थी। […]
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भारत ने वित्त वर्ष 2022-23 को आधार वर्ष बनाकर आज नई राष्ट्रीय आय श्रृंखला जारी। इसके आधार पर चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था की वास्तविक वृद्धि दर 7.6 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है जो बीते तीन वित्त वर्ष में सबसे अधिक वृद्धि है। मगर इसने नॉमिनल जीडीपी वृद्धि आधार को कम कर दिया है। […]
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मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 0.20 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 7.0-7.4 प्रतिशत कर दिया गया है और इस दौरान देश की अर्थव्यवस्था का आकार आसानी से 4,000 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगा। जनवरी में संसद में पेश आर्थिक […]
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नई श्रृंखला के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में कृषि और संबद्ध गतिविधियों में सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) की वृद्धि दर गिरकर 2.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। यह न केवल पिछले वर्ष के 4.9 प्रतिशत के अनुमानों से कम है बल्कि पुराने आधार वर्ष के 3.1 प्रतिशत के अनुमानों से भी कम है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम […]
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