हम शीर्ष 3 आईटी कंपनियों में शुमार होंगे

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 10:38 PM IST

प्रमुख आईटी सेवा कंपनी टेक महिंद्रा के शुद्ध लाभ में सितंबर 2021 में समाप्त तिमाही के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक सीपी गुरनानी ने सुरजीत दास गुप्ता से बातचीत में कंपनी की चुनौतियों और वृद्धि योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। पेश हैं मुख्य अंश:
तीसरी लहर की आशंका ने कारोबार को प्रभावित किया है या नए अवसर सृजित किए हैं?
टेक महिंद्रा का 50 फीसदी राजस्व दूरसंचार सेवा प्रदाताओं और दूरसंचार परिवेश से आता है। वास्तव में दूरसांचार को मुख्य तौर पर तीन कारकों से रफ्तार मिली है और आगे भी मिलेगी। वे हैं-पहला, अधिकतर दूरसंचार कंपनियों का मानना है कि 5जी से उनका मूल्य बढ़ेगा। इसलिए उन्हें नेटवर्क उन्नयन पर काम करने की आवश्यकता है। दूसरा, नए प्लेटफॉर्म से दूरसंचार की खपत को बढ़ावा मिलेगा। सबसे अहम तीसरा कारक यह है कि घर से काम करने का चलन बढऩे से हमारे नेटवर्क सेवा प्रदाताओं का महत्त्व भी बढ़ेगा। मैं समझता हूं कि कोरोनावायरस वैश्विक महामारी विभिन्न देशों और उद्योगों में हमारे कई सहयोगियों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण रहा है लेकिन दूरसंचार उद्योग में काफी बहादुर लोग मौजूद हैं और हमें उन बहादुरों के सफर का हिस्सा होने का सौभाग्य प्राप्त है।
आपने 4जी और 5जी के लिए ओपन रेडियो ऐक्सेस नेटवर्क (आरएएन) की काफी सराहना की थी लेकिन हाल में आपने अल्टियोस्टार में 50 फीसदी हिस्सेदारी राकुटेन को बेच दी है। क्या अब आपकी रणनीति बदल गई है?
हम इस क्षेत्र को त्याग नहीं दिया है बल्कि उसमें मौजूद कंपनियों की संख्या बढ़ी है। अब केवल राकुटेन, माइक्रोसॉफ्ट और वीएमवेयर ही नहीं है बल्कि मावेरिर को भी खुद का ओआरएएन परिवेश तैयार करने का अवसर मिला है। हम निश्चित तौर पर प्रतिबद्ध है लेकिन फिलहाल तटस्थ रहने के लिए यह आवश्यक था कि हमें निष्पादन भागीदारों की तरह न देखा जाए। हम सभी प्रमुख कंपनियों के साथ निष्पादन करेंगे। हम एक तटस्थ साझेदार हैं। जाहिर तौर पर राकुटेन हमारा एक सबसे बड़ा साझेदार है।

आप स्वदेशी प्रौद्योगिकी का एक कंसोर्टियम बनाकर बीएसएनएल के 4जी अनुबंध के लिए बोली लगाने में आगे रहे थे। अब आपने चुप्पी क्यों साध ली है जबकि अन्य  कंपनियां पहल कर रही हैं?
जहां तक भारतीय बीएसएनएल निविदा का सवाल है तो उसके बारे में कुछ भी कहना फिलहाल जल्दबाजी होगी। हम तैयार हैं लेकिन कुछ वाणिज्यिक पहलू हैं जिन पर हमें अभी भी चर्चा करने की आवश्यकता है। इसलिए हमारी रफ्तार थोड़ी सुस्त पड़ गई है। आपको यह समझना होगा कि हम कुछ साझेदारों के साथ भी काम कर रहे हैं और उन साझेदारों की कुछ अपेक्षाएं भी हैं।

भारत में रिलायंस और एयरटेल जैसी दूरसंचार कंपनियां खुद का 5जी नेटवर्क तैयार कर रही हैं। एयरटेल ने टाटा के साथ और जियो ने अन्य के साथ करार किया है। क्या फिलहाल आप टाटा के साथ प्रतिस्पर्धा में हैं? अथवा दूरसंचार कंपनियों के साथ काम करने का दरवाजा आपके लिए बंद हो चुके हैं?
नहीं, क्योंकि हम केवल उत्पाद पर केंद्रित नहीं हैं। मुझे नहीं लगता कि यह केवल टाटा के बारे में है बल्कि बुनियादी तौर पर यह उन सभी कंपनियों के बारे में है जो एक निश्चित पैमाने और मात्रा में अवधारणा के व्यवहार्य वैकल्पिक सबूत खोजने की कोशिश कर रहे हैं। मेरा विश्वास यह है कि हम सभी कंपनियों के लिए एक निष्पादन भागीदार हैं।

वृद्धि के लिए हमेशा आपकी नजर अधिग्रहण पर रही है। फिलहाल आपकी नजर किन प्रमुख क्षेत्रों पर है?
फिलहाल हमारी नजर काफी हद तक प्रोडक्ट इंजीनियरिंग, क्लाउड, एआई और ग्राहक अनुभव प्रबंधन पर है। हम भारतीय और वैश्विक दोनों कंपनियों के लिए ऐसा कर रहे हैं।

क्या आप निकट भविष्य में राजस्व के मोर्चे पर टेक महिंद्रा को शीर्ष तीन आईटी सेवा कंपनियों में शुमार करना चाहते हैं। इसके लिए आपकी क्या योजना है?
निश्चित तौर पर हम शीर्ष 3 आईटी कंपनियों में शुमार होने के लिए कोशिश करेंगे। मैंने सपने देखना बंद नहीं किया है और मैंने निष्पादन करना भी नहीं छोड़ा है। मेरा काम सपनों को साकार करना है।

First Published : December 24, 2021 | 9:14 PM IST