facebookmetapixel
Advertisement
ITR Filing 2026: नौकरी संग फ्रीलांसिंग से भी कमाई करें तो आयकर रिटर्न कैसे भरेंTAFE की बड़ी रणनीति: यूरोप में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर लॉन्च करेगी कंपनी, भारत में सस्ते मॉडल पर कामMeta को IT मंत्रालय का नोटिस, इंस्टाग्राम से बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री हटाने का दिया निर्देश स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने भारत में 20 शाखाओं पर जड़ा ताला, अब वेल्थ मैनेजमेंट पर फोकसNSE क्वांटो क्रॉस-करेंसी डेरिवेटिव लाने की कर रहा तैयारी, निवेशकों को क्या होगा फायदा?Editorial: कच्चा तेल सस्ता, फिर भी पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत क्यों नहीं घटेंगे?भारत में क्विक कॉमर्स का बढ़ता असर, किराना स्टोर कैसे करेंगे मुकाबला?कांग्रेस से कैसे छूटा राष्ट्रवाद का मुद्दा? 2014 के बाद की रणनीति पर पुनर्विचारUP EV Subsidy: योगी सरकार ने ईवी खरीद पर दी ₹210 करोड़ से ज्यादा सब्सिडी, 43,000 से ज्यादा लोगों को मिला फायदाGold Outlook: सोने का भाव बढ़ेगा या घटेगा? अगले सप्ताह इन फैक्टर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर

विशाल के स्टोरों पर ताला!

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 7:54 PM IST

नकदी की किल्लत के चलते विशाल रिटेल की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इसकी वजह से कंपनी को अपने कुछ स्टोरों को बंद करना पड़ सकता है।
साथ ही कंपनी करोड़ों रुपये के कर्ज से जूझ रही है। विश्लेषकों और कंपनी अधिकारियों का कहना है कि विशाल रिटेल को कारोबार से बहुत ज्यादा फायदा नहीं हो रहा है। साथ ही बिक्री कम होने की वजह से कंपनी को दैनिक खर्चे चलाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
विशाल रिटेल के मुख्य कार्यकारी मनमनोहन अग्रवाल ने बताया कि चालू तिमाही के पहले दो महीनों में कंपनी में नकदी का प्रवाह बहुत कम रहा है। इससे कंपनी को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारों का कहना है कि अगर कंपनी की बिक्री में आगे भी गिरावट जारी रही, तो आने वाली दो तिमाहियों में उसे और भी संकट का सामना करना पड़ सकता है। मुंबई स्थित एक विश्लेषक ने कहा कि अगर कंपनी को अगली दो तिमाहियों तक खुद का संभालना है, तो उसे कुछ स्टोरों को बंद करना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि कंपनी बिक्री घटने की वजह से कंपनी के पास करीब 15-20 फीसदी विंटर स्टॉक बचा हुआ है, जिसमें कंपनी की काफी रकम फंसी हुई है। उल्लेखनीय है कि विशाल रिटेल की कुल कमाई का करीब 50 फीसदी उत्तर भारत से प्राप्त होता है। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी के मुनाफे में करीब 86 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं सीएआरई रेटिंग ने विशाल रिटेल के शॉर्ट टर्म लोन की रेटिंग भी घटा दी है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि विशाल का कारोबार अच्छा नहीं चल रहा है, ऐसे में उसे कर्ज देना जोखिम भरा हो सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि मुंबई के कुछ स्टोरों में बहुत ज्यादा स्टॉक नहीं है, ऐसे में उसे बंद किया जा सकता है।
अग्रवाल का कहना है कि कंपनी घाटे में चल रहे कुछ स्टोरों को बंद कर सकती है। हालांकि अभी इसके बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि पहले भी कंपनी ने घाटे में चल रहे स्टोरों को बंद कर दिया था।  इसके साथ ही कंपनी ने अगली दो तिमाहियों तक अपनी विस्तार योजनाओं को टाल दिया है।

Advertisement
First Published - March 12, 2009 | 11:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement