लाइव ट्यूटोरियल प्लेटफॉर्म वेदांतु ने मौजूदा निवेशकों की भागीदारी के साथ अमेरिकी निवेश फर्म कोट्यू से 10 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। इसके साथ ही कंपनी अब तक कुल 20.2 करोड़ डॉलर जुटा चुकी है। इस निवेश दौर के साथ ही कंपनी का मूल्यांकन 60 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। बेंगलूरु की इस कंपनी के अन्य निवेशकों में टाइगर ग्लोबल, जीजीवी कैपिटल और ओमिडयार नेटवर्क शामिल हैं।
कंपनी इस रकम का इस्तेमाल ब्रांड निर्माण और लाइव ट्यूशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में करेगी। वेदांतु के सह-संस्थापक एवं सीईओ वामसी कृष्ण ने कहा, ‘ऐसे समय में जब हरेक स्कूल लाइव ट्यूशन के बारे में बात कर रहा है, हमारे लिए अपनी रफ्तार बढ़ाने और ब्रांड निर्माण में निवेश करने के अलावा नई श्रेणियों में संभवनाएं तलाशने का उपयुक्त समय है।’
कंपनी को करीब 10 करोड़ डॉलर जुटाने में एक महीने का समय लगा और यह अब तक की सर्वाधिक रकम है। कृष्ण ने कहा, ‘इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता है कि कोविड ने जाहिर तौर पर मदद की है। मौजूदा परिस्थिति ने वेदांतु के विकास में योगदान किया है और रकम जुटाने के लिए भी यह एक प्रमुख कारक रहा है।’
वेदांतु ने कहा कि अब हर महीने करीब 10 लाख छात्र लाइव क्लास में भाग ले रहे हैं और लॉकडाउन के दौरान उसमें 220 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी ने उम्मीद जताई है कि उसके भुगतान वाले उपयोकर्ताओं की संख्या बढ़कर इस साल के अंत तक 2,50,000 हो जाएगी जो पिछले साल 50,000 रही थी।
कोट्यू के प्रबंध निदेशक राहुल किशोर ने कहा, ‘भारत ऑनलाइन लर्निंग फिलहाल सर्वकालिक ऊंचाई पर है और इसने शेष दुनिया के लिए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। हम अधिक वृद्धि वाले उद्यम पर लगातार ध्यान केंद्रित करते रहे हैं और वेदांतु में निवेश के जरिये हमने भारत के एडटेक बाजार में दस्तक दी है।’