देश को सुरक्षित पर्यटन स्थल बनाने के लिए सरकार अपने ‘अतुल्य भारत अभियान’ में सुधार करने पर विचार कर रही है, लेकिन सरकार के इस कदम पर पर्यटन उद्योग में अलग-अलग विचार खड़े हो गए हैं।
बदले हुए अतुल्य भारत के अभियान में विदेशी पर्यटक आतंकी हमलों के बाद भी भारत के सुरक्षित पर्यटक स्थल होने पर अपने विचार सबके सामने रखेंगे।
टूर ऑपरेटर कंपनी मेकमाईट्रिप के मुख्य कार्याधिकारी सचिन भाटिया का कहना है कि इस तरह के अभियानों पर खर्च होने वाले पैसे को पर्यटक स्थलों की सुरक्षा में लगाना चाहिए।
भाटिया का कहना है, ‘लोग समाचार पत्रों की रिपोर्टों पर विश्वास करते हैं, जिनमें दुनिया भर में भारत के बारे में बुरा ही छपा है।’ उनका कहना है, ‘इसकी बजाए हमें सभी प्रमुख पर्यटन स्थालों पर सुरक्षा की भावना को बढ़ाने के लिए टूरिस्ट पुलिस को लगाना चाहिए।’
मुंबई में हुए आतंकी मामलों में लगभग 20 विदेशी सैलानियों की मृत्यु के बाद भारत की बतौर पर्यटन स्थल छवि को बड़ा धक्का पहुंचा है।अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया ने अपने नागरिकों को भारत में यात्रा करने के लिए चेतावनी भी जारी की थी।
भारत में होटल कारोबार पर नजर बनाए हुए एक विशेषज्ञ का कहना है, ‘पर्यटकों को अतुल्य भारत अभियान में जो दिखाया जाता है, उसका यहां तक कि 20 प्रतिशत भी मिलता नहीं है। विदेशी मूर्ख नहीं हैं कि वे भारत को एक सुरक्षित स्थल के रूप में दिखाए जाने पर विश्वास कर लें।’
उनका कहना है, ‘इस पैसे का जमीनी स्तर पर इस्तेमाल होना चाहिए, ताकि पर्यटकों को वास्तव में यह सुरक्षा का अहसास हो और वे वापस जाने पर इस बारे में अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को बताएं।’
लेकिन कई अब भी मानते हैं कि भारत को अब अपने अभियान को तेजी के साथ आगे बढ़ाना चाहिए, जैसे दूसरे देश कर रहे हैं। ऐसा करने से पर्र्यटन के लिहाज से भी देश की अहमियत बढ़ जाएगी।